Samudayik Vikas Yojana Kya hai In Hindi उद्देश्य योजना का प्रभाव

Rajkumar Yadav
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 सामुदायिक योजना, सामुदायिक योजना के उद्देश्य एवं योजना का प्रभाव

Samudayik Vikas Yojana Kya hai In Hindi उद्देश्य और योजना का प्रभाव
सामुदायिक विकास योजना

सामुदायिक योजना

सामुदायिक योजना का अर्थ है। समुदाय का विकास या प्रगति।  सामुदायिक विकास एक प्रक्रिया और कार्यक्रम दोनों ही है। इस प्रक्रिया के द्वारा समुदाय अपनी आवश्यकताओं को पहचानता है। और मिल - जुल कर उन आवश्यकतों की पूर्ति करता है। तथा सामुदायिक विकास का उद्देश्य समुदाय को आत्म - निर्भर बनाना है। अत: सामुदायिक विकास वास्तव में विकास का ऐसा कार्यक्रम है जो पारस्परिक सहायता और सहयोग पर आधारित है। 

प्रो लोबसी के शब्दों में, "  सामुदायिक विकास गहन संगठित नियोजन योजना है " अन्य विद्वानों ने, तथा योजना आयोग ने सामुदायिक विकास योजना की परिभाषा निम्न प्रकार दी है। -
  • एसoकेoडेo - के अनुसार "  सामुदायिक विकास योजना के कार्यों का प्रबंध करने के लिए नियमित रूप से इसी प्रकार की सोची हुई योजना है। "
  • योजना आयोग के अनुसार - " सामुदायिक विकास योजना जनता का स्वयं अपने प्रयासों से ग्रामीण जीवन में सामाजिक और आर्थिक विकास में परिवर्तन लाने का प्रयत्न है। "
सामुदायिक विकास के कार्यक्रम का प्रारंभ 2 अक्टूबर1952 ईस्वी में, अखिल भारतीय स्तर पर शुरू किया गया। इसी वर्ष केंद्रीय सरकार ने सामुदायिक विकास योजना लांगू की। इस योजना के अनुसार देश - भर में 55 चुने क्षेत्रों में सामुदायिक विकास कार्य प्रारंभ हुआ। हर क्षेत्र लगभग 500 वर्ग मील लम्बा होता है। हर क्षेत्र में 300 गांव शामिल रहते थे। जिसकी कुल आबादी लगभग 2 लाख लोगों की होती है।

सामुदायिक योजना का लक्ष्य

सामुदायिक विकास योजना का मूल लक्ष्य भारत की ग्रामीण जनता का उत्थान करना है। तथा सामुदायिक विकास "अपनी मदद आप करों" के सिद्धांत पर आधारित है। अत: सामुदायिक विकास के कार्यक्रम के मुख्य लक्ष्य थे - 
  • ग्रामीण समुदाय के हर व्यक्ति में स्वावलम्बन का विकास करना। 
  • लोगो को सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रेरणा देना।
  • पंचायत आदि के माध्यम से सहयोगी कार्य की रीतियों का प्रशिक्षण देना।

सामुदायिक विकास योजना के उद्देश्य

प्रोoएमoसीoदुबे - ने अपनी पुस्तक " INDIA'S CHANGING VILLAGE " में सामुदायिक विकास योजना के निम्नलिखित उद्देश्य बताए है।

(1) देश में कृषि सम्बन्धी उत्पादन में पर्याप्त वृद्धि का पबंध करना और सन्देशवाहन की व्यवस्था, ग्रामीण स्वास्थ्य और स्वच्छता तथा ग्रामीण शिक्षा में उन्नति करना। 
(2) भारत सरकार के सामुदायिक विकास, मंत्रालय द्वारा प्रकाशित ('A GUIDE TO COMMUNITY DEVELOPMENT') में सामुदायिक विकास योजना के निम्नलिखित उद्देश्य माने गए है - 
  • जनता के मानसिक दृष्टिकोण को परिवर्तित करना। 
  • समस्त ग्रामवासियों के आर्थिक स्तर को ऊँचा उठाने के लिए एक ओर कृषि का आधुनिकीकरण करना और दूसरी ओर ग्रामीण उद्योगों का विकास करना। 
  • राष्ट्र के भावी नागरिकों का समुचित विकास करना। 
  • ग्रामीण शिक्षकों के हित की रक्षा करना। 
  • ग्रामीण जनता के स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा उठाना और उनकी रोगो से रक्षा करना। 

सामुदायिक विकास योजना के उद्देश्य को दो भागों में बांटा गया है - 

  1. अल्पकालीन उद्देश्य
  2. दीर्घकालीन उद्देश्य

अल्पकालीन उद्देश्य

  • कृषि में उत्पादन बढ़ाना।
  • गावों की बेकारी की समस्या हल करना। 
  • गावों में संदेशवाहक साधनों का विकास करना। 
  • गावों में प्रारंभिक शिक्षा, जन - स्वास्थ्य और मनोरंजन केंद्र स्थापित करना। 
  • मकान की दशा में सुधार करना। 
  • देशी दस्तकारी एवं कुटीर तथा लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करना। 

दीर्घकालीन उद्देश्य

सामुदायिक विकास योजना का दीर्घकालीन उद्देश्य योजनाबद्ध रूप से सभी भौतिक एवं मानवीय साधनों का पूर्ण विकास करना है। इसमें सभी ग्रामवासियों को पूर्ण रोजगार मिलने की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यही है। की एक कल्याणकारी राज्य के आदर्श के अनुरूप देश में नागरिकों को किसी प्रकार का आभाव न रहे। सबकों पर्याप्त भोजन मिले और सभी की सामाजिक, आर्थिक और नैतिक प्रगति हो।

सामुदायिक विकास योजना के मुख्य पक्ष

सामुदायिक विकास योजना द्वारा भारत की ग्रामीण अर्थ - व्यवस्था का पुननिर्माण करना है। और ग्रामीण जीवन के लगभग सभी अंगों का सामूहिक रूप से विकास करना है। 

योजना के कार्यक्रम के मुख्य पक्ष - सामूहिक विकास योजना के कार्यक्रम के मुख्य पक्ष निम्नलिखित है - 

(1) कृषि - कृषि पर ही देहाती क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत लोग आश्रित है। इसलिए कृषि की स्तिथि का सुधार योजना का पहला कर्तव्य है। कृषि के कार्यक्रमों यथा - सिंचाई, की व्यवस्था, खाद्य की व्यवस्था, अच्छे बीज की व्यवस्था, खेती के औजारों में सुधार आदि प्रमुख है। 
(2) यातायात - यातायात की स्थितियों में सुधार योजना के कार्यक्रम का दूसरा विषय है। ग्रामीण आवागमन की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए यातायात का सुधार बहुत आवश्यक है। तथा इस कार्यक्रम के अंतर्गत पुरानी सड़कों की मरम्मत, नई सड़कों का निर्माण, पूल बनाना आदि कार्य आते है।
(3) स्वास्थ्य तथा सफाई शिक्षा - इस योजना के अंतर्गत गावों की सफाई के कई कार्य किए जाते है। स्वास्थ्य की रक्षा तथा रोगों के इलाज के लिए आधुनिक ढंग से चिकत्सा की व्यवस्था की गई है।
(4) महिला और शिशु कल्याण - महिला और शिशु कल्याण समुदाय, पर्याप्त रूप से जागरूक नहीं था। अत: उनके बीच असामयिक मृत्यु अधिक होती थी। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं तथा शिशुओं के कल्याण के कई कार्य होते है। 

ग्रामवासियों पर सामुदायिक विकास योजना के प्रभाव

सरकार ने ग्रामीणों के जीवन स्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि उद्योग आदि के मामले में सामुदायिक विकास योजना के द्वारा ऊपर उठना चाहा, किन्तु निम्नांकित समस्याओं के कारण जन - जीवन को इस योजना से यथेष्ट लाभ नहीं मिल सका। 
  • लक्ष्य के अनुसार काम की पूर्ति न होना। 
  • अप्रशिक्षित कर्मचारी वर्ग। 
  • वित्तीय प्राप्तियों पर अधिक बल। 
  • कार्य - क्रम की अस्पष्ट रूप - रेखा।
  • सरकारी सहायता पर अधिक निर्भर।
फिर भी ग्रामवासियों पर सामुदायिक विकास के कायक्रमों का गहरे रूप में प्रभाव पड़ा है। इस योजना के द्वारा उनके सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक जीवन में सुधार हुआ है।

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