Pratham Vishwa Yudh Aur Dwitiya Vishwa Yuddh, Karan Aur Parinaam

Rajkumar Yadav
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प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध, एवं तात्कालिक कारण और परिणाम

Pratham Vishwa Yudh Aur Dwitiya Vishwa Yuddh, Karan Aur Parinaam
प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध

आज हम इस लेख में, प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध के बारे में चर्चा करेंगे। ताकि आप आज तक हुए दो विश्व युद्ध (I) प्रथम विश्व युद्ध (1914 से 18) एवं  (II) द्वितीय विश्व युद्ध (1939 से 45) के बारे में अच्छे से जान पाए। हालाँकि हमने इस लेख में प्रथम एवं द्वितीय दोनों को एक ही आर्टिकल में कवर किया है। ताकि अध्ययन की दृष्टि से आसान हो। हमने आज इस लेख में प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध के बारे में, व प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के तात्कालिक कारण और परिणामों पर चर्चा की है। जोकि समस्त वर्ग की प्रतियोगिता परीक्षा की दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

(A) प्रथम विश्व युद्ध 

प्रथम विश्वयुद्ध की शुरुआत 28 जुलाई 1914 को हुई। तथा यह युद्ध दो महाशक्तियों के बीच लड़ा गया। 
  • मित्र राष्ट्र
  • धुरी राष्ट्र
(1) मित्र राष्ट्र - इंग्लैंड, अमेरिका, इटली, फ़्रांस, रूस, जापान, सर्बिया, पुर्तगाल, यूनान, साइबेरिया, पनामा, ब्राजील, श्याम, भारत।
(2) धुरी राष्ट्र- जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, हंगरी, बुल्गेरिया, तुर्की।

प्रथम विश्वयुद्ध के तात्कालिक कारण

ऑस्ट्रेलिया के युवराज फर्नीनेड व उसकी पत्नी की 28 जून 1914 को सर्बिया के विद्रोहियों ने हत्या कर, देने से ऑस्ट्रेलिया ने सर्बिया पर आक्रमण कर दिया। और 28 जुलाई 1914 को युद्ध शुरू हो गाय। युद्ध के आरंभिक साढ़े तीन वर्षों (3 1 / 2 ) तक धुरी राष्ट्रों का पलड़ा भारी रहा पर जर्मनी ने 6 अप्रैल 1917 ईस्वी को अमेरिका का जहाज डुबों दिया जिससे अमेरिका प्रथम विश्वयुद्ध में शामिल हुआ। तथा अमेरिका के प्रवेश से धुरी राष्ट्रों की पराजय हुई वह जर्मन सम्राट विलियम द्वितीय ने सिंहासन छोड़ दिया। इस प्रकार 11 नवम्बर 1918 को यह युद्ध समाप्त हो गया। तथा यह युद्ध 4 वर्ष 3 माह 11 दिन तक चला। तथा इस युद्ध में 6 करोड़ 50 लाख सैनिकों ने भाग लिया जिनमे 90 लाख मारे गए और 2 करोड़ घायल हो हुए। तथा इस युद्ध में मित्र राष्ट्रों की विजय हुई।

इस युद्ध के बाद 1919 में पेरिस में एक सम्मलेन आयोजित हुआ जिनमे मुख्य रूप से धुरी राष्ट्रों को दोषी ठहराया गया। लेकिन बेल्जियम के अलावा सभी राष्ट्र दोषी थे। पेरिस शांति सम्मलेन में 28 जून 1919 को जर्मनी के साथ वर्साय संधि की गई। तथा तुर्की के साथ सेब्रे की संधि हुई पर तुर्क आंदोलन के कारण 1923 में सेब्रे की संधि के स्थान पर लुशान की संधि की गई। और हंगरी के साथ ट्रियानों की संधि, तथा बुल्गेरिया के साथ न्यूली की संधि और ऑस्ट्रेलिया के साथ सेट जर्मन संधि की गई। 

तथा प्रथम विश्वयुद्ध के चलते समय ही रुसी क्रांति 1917 में हुई थी। और प्रथम प्रथम विश्वयुद्ध में 10 ख़राब रुपए खर्च हुए। तथा पेरिस शांति सम्मलेन में बीकानेर के राजा गंगा सिंह ने भाग लिया था। तथा विश्वयुद्ध होने से पहले 1891 ईस्वी में विस्मार्क ने कहा था - " मैं विश्वयुद्ध नहीं देखूंगा। परन्तु तुम देखोगे उसका प्रारंभ पूर्व से होगा।"

तथा विश्वयुद्ध होने से पहले 1891 ईस्वी में बिस्मार्क ने कहा था। - " मैं विश्वयुद्ध नहीं देखूंगा। परन्तु तुम देखोगे उसका प्रारंभ पूर्व से होगा।" और इस युद्ध में मुख्य रुप से 37 देशों ने भाग लिया परन्तु उपनिवेशवाद के कारण समस्त संसार को इसकी हानि उठानी पड़ी। इसलिए इसे विश्वयुद्ध कहा जाता है।

अन्य महत्वपूर्ण

  • बिस्मार्क में गुप्त संधियों की प्रणाली जारी की तथा 1882 में ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और इटली ने त्रिगुट का निर्माण किया पर युद्ध में इटली मित्र राष्ट्रों से मिल गया।
  • 1904 - 05 के बीच रूस और जापान के बीच युद्ध चला जिसका अंत रूजवेल्ट ने करवाया था। 
  • 1907 में इंग्लैंड, रूस, फ़्रांस ने त्रिदेशीय संधि की। 
  • 1911 में मोरक्कों में विद्रोह हुआ। 
  • 1871 में जर्मनी और फ़्रांस के बीच युद्ध हुआ जिसमे जर्मनी विजयी रहा। 
ग्रांट व टैम्परले - "1914 के युद्ध के लिए कोई घटना इतनी उत्तरदाई नहीं थी जितना की बाल्कन युद्ध।"

इन सब कारणों से अंतराष्ट्रीय अराजकता फैली और प्रथम विश्वयुद्ध का आरंभ हुआ।

(B) द्वितीय विश्व युद्ध

प्रथम विश्वयुद्ध के समाप्त होने के 20 वर्ष पश्चात् विश्व रंगमंच पर द्वितीय महायुद्ध की शुरुआत हुई।

द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत के कारण

(1) प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति के पश्चात् धुरी राष्ट्रों पर युद्ध का उत्तरदायित्व सौपा गया जिस कारण 28 जून 1919 को जर्मनी के साथ वर्साय की अपमानजनक संधि की गई। 
(2) तथा ऑस्ट्रेलिया हंगरी के साथ सेंट जर्मन की संधि की गई।
(3) तुर्की के साथ सेबरे की संधि की गई। परन्तु भारतीय मुसलमानों द्वारा खिलाफत आंदोलन शुरू करने के कारण तुर्की के साथ दोबारा 1923 में लुशान की संधि की गई। 
(4) प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात् धुरी राष्ट्रों के अपमान का बदला लेने के लिए, इटली मुसोलिनी के नेतृत्व में फासीवाद का उदय हुआ तथा जर्मनी में हिटलर के नेतृत्व में नाजीवाद का उदय हुआ। तथा द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत 1939 के अंदर हुई जो विश्व के दो प्रमुख गुटों धुरी राष्ट्रों तथा मित्र राष्ट्रों के मध्य लड़ा गया। प्रथम विश्वयुद्ध के अंदर इटली जापान मित्र राष्ट्रों के साथ थे। परन्तु द्वितीय महायुद्ध के अंदर व धुरी राष्ट्रों में शामिल हो गए। 

द्वितीय विश्वयुद्ध 6 वर्ष तक चला तथा 9 अगस्त 1945 ईस्वी को नागासाकी पर बम गिराने से यह युद्ध समाप्त हो गाय।

द्वितीय विश्वयुद्ध के परिणाम

द्वितीय विश्वयुद्ध के समय विश्व रंगमंच पर परमाणु युग का सूत्रपात हुआ। जिसके नेतृत्व में अमेरिका के एक वायुयान 29 ने 6 अगस्त 1945 को जो हिरोशिमा पर एक अनु बम गिराया तथा 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर परमाणु बम गिराया। तथा हिरोशिमा व नागासाकी जापान के दो प्रमुख शहर थे। जिन पर परमाणु बम गिराए जाने से लगभग 7,50,000 लोगो की मृत्यु हुई। तथा 90 % इमारते ढेर हो गई इस बड़े विनाश से जापान के इन दो शहरों में आज तक यहाँ के बच्चे विकलांग या दिव्यांग पैदा होते है। निश्चित ही द्वितीय विश्वयुद्ध विश्व के लिए एक विनाश था। 

तथा द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् भी विश्व दो महा शक्तियों में विभाजित हो गया। पहली शक्ति साम्यवादी दल, सेवियत संघ की शक्ति थी। तथा दूसरी शक्ति पूंजीवादी दल संयुक्त राज्य अमेरिका की शक्ति थी। द्वितीय महायुद्ध के पश्चात् मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी से बदला लेने के लिए इस के दो टुकड़े कर लिए तथा जर्मनी पूर्वी जर्मनी और पश्चिमी जर्मनी में बंट गया। जिसका 1990 के अंदर सोवियत संघ के विघटन के पश्चात् एकीकरण हुआ। 

तथा द्वितीय महायुद्ध के पश्चात् अमेरिका और सोवियत संघ के मध्य शीत युद्ध की शुरुआत हुई। जो 1917 से 1990 तक चला। तथा द्वितीय महायुद्ध के पश्चात् भारत मिश्र तथा युगोस्लवीया के नेतृत्व में गुटनिरपेक्षता की स्थापना हुई। जो विश्व के दोनों गुटों पूंजीवाद और साम्यवाद से भिन्न था। तथा विश्व को युद्ध की विभीषिका से बचाने के लिए 24 अक्टुम्बर 1945 को 51 राष्ट्रों ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की जो आज तक विश्व की सबसे बड़ी एजेंसी। है। 

एडोल्फ हिटलर

एडोल्फ हिटलर का जन्म 20 अप्रैल 1879 को ऑस्ट्रेलिया के बोनी नामक एक छोटे से गांव में हुआ था। तथा हिटलर यहूदियों से नफरत करता था। इसलिए उसने जर्मनी के अंदर यहूदियों पर बहुत अत्याचार किए। हिटलर ने जर्मनी के अंदर नाजीवाद की स्थापना की जिसे। राष्ट्रिय समाजवादी जर्मन कामगार पार्टी' के नाम से भी जाना जाता है। तथा "मीन कॉम्फ़" नामक पुस्तक की रचना एडोल्फ हिटलर ने की। और हिटलर की नाजी दल का निशान स्वास्तिक था। तथा द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी का नेतृत्व हिटलर ने किया था। और 30 अप्रैल 1945 को द्वितीय विश्वयुद्ध के अंदर हिटलर की मृत्यु हो गई।

बेनिटो मुसोलिनी

बेनिटो मुसोलिनी का जन्म इटली के रोमांगना शहर में 29 जुलाई 1883 को हुआ था। और इसके पिता का नाम अलसेड्रो मुसोलिनी लोहार था। तथा बेनिटो मुसोलिनी ने 1912 में समाजवादी पत्रिका अवन्ति का संपादन किया था। और 30 अक्टूबर 1922 को वह रोम का प्रधानमंत्री बना। और इसने फासीवाद या फासिस्ट दल की स्थापना की। जिसका प्रतिक चिन्ह था कुल्हाड़ी सहित लकड़ियों का गठ्ठर। 

तथा फासीवाद का अर्थ है - छड़ों का गठ्ठर।
और 1924 के अंदर इसने अपने आप को इटली का अधिनायक घोषित कर दिया। और इसने द्वितीय विश्वयुद्ध में इटली की ओर से नेतृत्व किया था। तथा मित्र राष्ट्रों की सेनाओं ने इसे स्विट्जरलैंड में 28 अप्रैल 1945 को मृत्युदंड दे दिया।

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