Bazar Mang Ki Paribhasha मांग को प्रभावित करने वाले कारक

Rajkumar Yadav
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बाजार मांग की परिभाषा और मांग को प्रभावित करने वाले कारक

Bazar Mang Ki Paribhasha मांग को प्रभावित करने वाले कारक
बाजार मांग की परिभाषा

बाजार मांग की परिभाषा

सरल शब्दों में बाजार मांग का अर्थ किसी वस्तु की मांग, उस वस्तु की मात्रा तथा उसकी कीमत से सम्बंधित होती है। जो कीमत विशेष पर खरीदी जा सकती है। तथा बाजार मांग के अर्थ को समझने के लिए विभिन्न अर्थशास्त्रियों द्वारा विभिन्न आधारों पर दी गई परिभाषाओं का अध्ययन करना आवश्यक है - 

  • प्रो बेनहम के अनुसार "किसी दी हुई कीमत पर किसी वस्तु की मांग उसकी वह मात्रा है जो उस कीमत पर किसी समय विशेष पर खरीदी जाएगी। "
  • पेन्सन के अनुसार "मांग में तीन बाते शामिल होती है। (अ) किसी वस्तु को प्राप्त करने की इक्षा  (ब) उस वस्तु को प्राप्त करने हेतु साधन एवं (स) उन साधनों द्वारा उस वस्तु को खरीदने की इक्षा।"
मांग की विभिन्न परिभाषाओं का अध्ययन एवं विश्लेषण किया जाए तो उसमे निम्नलिखित पांच तत्व निहित होते है।
  1. वस्तु की इक्षा (DESIRE FOR A THING)
  2. वस्तु क्रय करने के लिए पर्याप्त साधन (SUFFICIENT MEANS TO BUY THE GOODS)
  3. साधन व्यय करने की तत्परता
  4. एक निश्चित कीमत एवं 
  5. निश्चित समयवधि
इस प्रकार किसी वस्तु की मांग उसकी वह मात्रा है जो किसी निश्चित समय में दी हुई कीमत पर खरीदी जाती है। 

बाजार मांग को प्रभावित करने वाले कारक

प्रो स्टिगलर के अनुसार - मांग को प्रभावित करने वाले या मांग को निर्धारित करने वाले चार तत्व है - 
  • वस्तु का मूल्य 
  • उपभोक्ता की आय
  • प्रतिस्थापन तथा पूरक वस्तुओं के मूल्य एवं 
  • उपभोक्ता की रूचि तथा अधिमान
(1) वस्तु का मूल्य - किसी वस्तु की मांग की मात्रा सर्वाधिकार रूप से वस्तु की कीमत पर निर्भर करती है। कीमत व मांग की मात्रा में विपरीत सम्बन्ध होता है। अर्थात वस्तु की कीमत में वृद्धि होने पर मांग की मात्रा में वृद्धि होती है।
(2) उपभोक्ता की रूचि, आदत या फैशन - उपभोक्ताओं की रूचि, आदत तथा फैशन में परिवर्तन के फलस्वरूप वस्तुओं की मांग भी बदलती रहती है। जैसे - चाय के स्थान पर कॉफी, धोती - कुर्ते के स्थान पर पेन्ट - सूट आदि तथा इन्ही के आधार पर वस्तु की मांग कम एवं अधिक होती है। 
(3) जनसँख्या में परिवर्तन - जिस देश में जनसँख्या तेजी से बढ़ती है। वहां बच्चों का अनुपात अधिक पाए जाने के कारण, बच्चो के उपयोग की वस्तुएं - दूध, बिस्कुट, चॉकलेट आदि की मांग अधिक होगी। इसके विपरीत यदि जनसँख्या में कमी होती है। तो बड़ों का अनुपात अधिक होगा। और उनकी पसंद की वस्तुएं - घडिया, चश्मे, छड़ियाँ आदि की मांग अधिक होगी।
(4) व्यापार की दशा में परिवर्तन - व्यापारिक समृदि के काल में मूल्यों में निरंतर वृद्धि होती है। फिर भी वस्तुओं की मांग में वृद्धि होती है। इसके विपरीत मन्दी काल में अधिकांश वस्तुओं की कीमते घटती रहती है। फिर भी इनकी मांग घटती जाती है।
(5) सामाजिक एवं भौतिक मूल्य - यदि समाज भौतिकवादी विचारधारा से प्रभावित होता है। तो वस्तुओं की मांग में वृद्धि होती है। इसके विपरीत आध्यात्मिक विचारधारा होने की दशा में मांग में कमी होगी।

(FAQ) अक्सर पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न जोकि आपको मालूम होना चाहिए।

(1) मांग के निर्माण में कौन से तत्व शामिल होते है?

  • उत्तर - मांग के निर्माण में तीन तत्वों का योगदान है।
  • किसी वस्तु की इक्षा या आवश्यकता
  • वस्तु को क्रय करने के लिए मुद्रा या पैसा
  • वस्तु को क्रय करने की तत्परता

(2) मांग की एक उचित परिभाषा दीजिए ?

  • उत्तर - मांग से तात्पर्य वस्तु की उस मात्रा से है। जिसे एक उपभोक्ता निश्चित कीमत पर निश्चित समय में खरीदने को तत्पर होता है।

(3) मांग वक्र से आप क्या समझते है ?

  • उत्तर - मांग वक्र वह वक्र है। जो किसी वस्तु की विभिन्न कीमतों पर, किसी उपभोक्ता द्वारा मांगी जाने वाली वस्तु की मांग मात्रा के मध्य वितरित सम्बन्ध बताता है। 

(4) मांग अनुसूची या तालिका कितने प्रकार की होती है ?

  • उत्तर - मांग अनुसूची या तालिका दो प्रकार की होती है - 
  • व्यक्तिगत मांग अनुसूची या तालिका
  • बाजार मांग अनुसूची या तालिका

(5) मांग को प्रभावित करने वाले कोई दो कारक बताए ?

  • उत्तर - वस्तु विशेष की कीमत, और उपभोक्ता की आय।

(6) ऐसे दो कारक बताए जो बाजार मांग को प्रभावित करते है ?

  1. किसी राष्ट्र की जनसँख्या का आकार या संरचना। 
  2. राष्ट्रीय आय का वितरण।

(7) मांग के नियम को परिभाषित करे ?

  • उत्तर - मांग का नियम मांग मात्रा व कीमत के सम्बन्ध को बताता है। नियम के अनुसार अन्य बाते स्थिर रहने पर किसी वस्तु की कीमत में वृद्धि होने पर उस वस्तु की मांग घट जाती है। तथा कीमत में कमी होने पर मांग बढ़ जाती है। इस प्रकार यह वस्तु की कीमत तथा मांग मात्रा के मध्य विपरीत संबंध दर्शाता है। 
  • मार्शल के अनुसार " मांगी गई मात्रा मूल्य के घटने के साथ बढ़ती है। तथा मूल्य के बढ़ने के साथ घटती है। "

(8) प्रतिस्थापन प्रभाव से आप क्या समझते है ?

  • उत्तर - प्रतिस्थापन प्रभाव से आशय है यदि कोई वस्तु सापेक्षिक रूप से सस्ती हो जाती है। तो यह महँगी वस्तु के लिए प्रतिस्थापित की जाती है।

(9) मांग के नियम की मान्यताएँ बताए ?

  • उपभोक्ता की आय में परिवर्तन नहीं होना चाहिए। 
  • उपभोक्ता की रूचि, पसंद तथा फैशन में कोई परिवर्तन नहीं होना चाहिए। 
  • सम्बंधित वस्तु की कीमत में परिवर्तन नहीं होना चाहिए। 
  • वस्तु की कीमत में निकट भविष्य में परिवर्तन की सम्भावना नहीं होनी चाहिए।

(10) मांग वक्र ?

  • उत्तर - मांग तालिका या मांग अनुसूची को जब रेखाचित्र के रूप में प्रदर्शित कर दिया जाता है। तो उसे मांग वक्र कहते है। अर्थात यह मांग वक्र कीमत एवं मांगी गयी मात्रा के बीच एक विपरीत सम्बन्ध बनाता है। मांग वक्र दो प्रकार का होता है - 
  • व्यक्तिगत मांग।
  • बाजार मांग।

(11) मांग का आशय क्या है ?

  • उत्तर - मांग किसी दी हुई कीमत पर आवश्यकता को पूरा करने के लिए निश्चित समय तथा बाजार में वस्तु की खरीदी जाने वाली मात्रा होती है - 
  • मांग के तत्व इस प्रकार है। 
  • वस्तु की इक्षा 
  • एक निश्चित कीमत
  • वस्तु को खरीदने के लिए मुद्रा की आवश्यकता 
  • मुद्रा को खर्च करने की रूचि 

(12) मांग मात्रा क्या है ?

  • उत्तर - मांग मात्रा उस विशेष मात्रा को संबोधित करती है। जिसे उपभोक्ता विशेष समय तथा विशेष कीमत पर खरीदने के इच्छुक है।

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