केंद्र एवं राज्य विधायिका (केंद्र एवं राज्यों के संबंध)
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| Centre-State Relations |
भारतीय संविधान में शक्तियों का विभाजन निम्नलिखित तीन अनुसूचियों के आधार पर किया गया है। अर्थात केंद्र (केंद्र विधायिका) और राज्यों (राज्य विधान मंडल) को कानून बनाने (शक्तियों) का अधिकार निम्नलिखित तीन सूचियों के आधार पर दिया गया है।
- संघ सूची
- राज्य सूची
- समवर्ती सूची
(1) संघ सूची (केंद्रीय सूची) - इस सूची में सम्मिलित विषयों पर कानून बनाने का अधिकार केंद्र (संसद) को होता है। व मूल संविधान में 97 विषय थे। 100 विषय (वर्तमान में)
(2) राज्य सूची (राज्य सरकार) - राज्य सूची में सम्मिलित विषयों पर कानून बनाने का अधिकार विधानमंडल को होता है। व मूल संविधान में 66 विषय थे। लेकिन 42 वॉ संविधान संशोधन 1976 के तहत, राज्य सूची में से 5 विषयों को निकालकर समवर्ती सूची में डाल दिया गया था। तथा कुछ शर्तों के आधार पर संसद को भी राज्य सूची में सम्मिलित विषयों पर कानून बनाने का अधिकार होता है। जैसे -
- राष्ट्रपति शासन की स्तिथि में
- राष्ट्रीय आपातकाल की स्तिथि में
- राज्य सभा द्वारा यदि दो तिहाई बहुमत से मत पारित हो जाने की स्तिथि में
- संबंधित राज्य की सहमति से संसद राज्य सूची में रखे विषयों पर कानून बना सकती है।
(3) समवर्ती सूची - समवर्ती सूची में रखे विषयों पर कानून बनाने का अधिकार संसद व विधानमंडल दोनों को होता है। अर्थात विरोध की स्तिथि पैदा होने पर संसद द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य अथवा लागूं किया जायेगा।
संघ सूची (केंद्रीय विधायिका) में सम्मिलित विषय
रक्षा, विदेशी मामले, युद्ध, अंतराष्ट्रीय संधि, अणु शक्ति, सीमा शुल्क, जनगणना, विदेशी ऋण, डाक एवं तार, संचार, प्रसारण, टेलीफोन, विदेशी व्यापार, रेल परिवहन, जल परिवहन, वायु परिवहन, नागरिकता, परमाणु ऊर्जा, युद्ध और शांति, खनिज, बीमा, रेलवे, बंदरगाह, मुद्रा, बैंक, इनकम टैक्स, सीमा शुल्क, निर्यात शुल्क, सेवा कर, लाटरी आदि।
राज्य सूची (राज्य विधान मंडल) में सम्मिलित विषय
लोक सेवा, कृषि, वन, कारागार, भू - राजस्व, लोक व्यवस्था, पुलिस, लोक स्वाथ्य, स्थानीय शासन, क्रय, विक्रय, सिंचाई, भूमि, पशुपालन, शराब, मनोरंजन, विद्युत कर, टोल टेक्स, प्रति व्यक्ति कर, कृषि आय कर, न्याय आदि।
समवर्ती सूची में सम्मिलित विषय
राष्ट्रीय जलमार्ग, परिवार नियोजन, जनसंख्या, नियंत्रण, समाचार पत्र, कारखाना, शिक्षा, आर्थिक तथा सामाजिक योजना, दण्ड निधि, न्याय प्रशासन, माप - तौल, स्वच्छता औषद्यालय, विद्युत, वन्य जीव जंतु संरक्षक, जन्म - मृत्यु, पंजीकरण, मजदूर संगठन, जंगल आदि।
नोट. वो विषय जो संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची में शामिल नहीं है। उन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार " संसद " को है। तथा इसे अवशिष्ट विधायी शक्ति कहा जाता है।
महत्वपूर्ण
पंचायती राज, राज्य की सूची में सम्मिलित है। राज्य सूची में सुरक्षा नहीं है। शिक्षा को 42 वॉ संशोधन द्वारा राज्य सूची से हटाकर समवर्ती सूची में शामिल किया गया। समवर्ती सूची में श्रम कल्याण विषय है। केंद्रीय सूची में मजदूर संगठन नहीं है। तथा भारतीय संविधान के अंतर्गत अवशिष्ट अधिकारों का अर्थ है वह अधिकार जिनकों केंद्रीय सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया है।
रेलवे भारत के संविधान में केंद्रीय सूची की लिस्ट में आता है। तथा राज्य सूची में शिक्षा सम्मिलित नहीं है। भारतीय संविधान की समवर्ती सूची की धारणा ऑस्ट्रेलिया देश के संविधान से ली गई है। राज्य सूची में रक्षा विषय नहीं है। समवर्ती सूची के अंतर्गत मजदूर संघ आता है। तथा समवर्ती सूची में शेयर बाजार तथा भावी बाजार विषय शामिल नहीं है।
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