शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) क्या है ? व योजना के तहत कितने CTS केंद्र प्रशिक्षण प्रदान कर रहे
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| शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) |
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) देश के युवाओं को कुशल बनाने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के नेटवर्क के माध्यम से शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) को लांगू करता है। और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) व प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए संस्थानों (आईटीओटी) के माध्यम से "शिल्प प्रशिक्षक प्रशिक्षण योजना" (सीआईटीएस) का संचालन करता है।
शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) के बारे में
शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) के तहत वर्तमान में देश में कुल 14682 आईटीआई केंद्र स्थापित है जिनमे 3345 सरकारी और 11337 निजी आईटीआई केंद्र है। जो 169 ट्रेंडों में शिल्पकार प्रशिक्षण योजना के तहत जोरो से प्रशिक्षण प्रदान कर रहे है। इसके अलावा, देश भर में 33 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान है। जिनमे 14 सामान्य और 19 महिलाओं के लिए स्थापित है। तथा 120 प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए संस्थान मौजूद है जिनमे 109 राज्य सरकार और 11 निजी केंद्र संचालित है। जो 55 ट्रेंडों में शिल्प प्रशिक्षक प्रशिक्षण योजना आईटीआई का प्रशिक्षण दे रहे है।
योजना के तहत वजीफा
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा आईटीआई प्रशिक्षुओं को कोई वजीफा प्रदान नहीं किया जाता है। हालाँकि राज्य सरकारें अपनी स्वयं की पहल के माध्यम से आईटीआई प्रशिक्षुओं को वजीफा प्रदान कर सकती है।
राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूप रेखा
प्रशिक्षण महानिदेशालय ने 169 "राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूप रेखा" (NSQF) के अनुरूप ट्रेंड विकसित किए है। जिनमे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स, नवीकरणीय ऊर्जा और 3 - डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में भविष्य के कौशल से सम्बंधित 31 नए पाठ्यक्रम शामिल है।
योजना के कुल आंकड़े
शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों 2022 - 23 से 2024 - 25 के दौरान 40 . 11 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन सफलतापूर्वक हुआ है। जबकि वर्तमान वित्त वर्ष 2025 - 26 में 14 . 64 लाख छात्र नामांकित है। इसी प्रकार सीआईटीएस योजना के तहत पिछले तीन वर्षों 2022 - 23 से 2024 - 25 में 31000 से अधिक प्रशिक्षुओं ने अपना नामांकन कराया जबकि वर्तमान वित्त वर्ष 2025 - 26 में 13000 से अधिक प्रशिक्षु नामांकित है।
सरकार ने कौशल विकास के लिए 1,000 आईटीआई के उन्नयन और पांच राष्ट्रीय उत्कृष्ता केंद्रों की स्थापना के लिए एक राष्ट्रीय योजना को मंजूरी दी है। 60,000 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली इस योजना का उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों को पूरा करने और औद्योगिक मूल्यवर्धन को बढ़ाने के लिए भविष्य के लिए तैयार एक कुशल कार्यबल तैयार करना है।
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