Kutch Bhukamp 2001 एवं हानि का वर्गीकरण अथवा (नुकसान)

Rajkumar Yadav
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कच्छ भूकंप 2001 एवं हानि का वर्गीकरण अथवा (नुकसान)

Kutch Bhukamp 2001 एवं हानि का वर्गीकरण अथवा (नुकसान)
कच्छ भूकंप 2001

कच्छ भूकंप 2001 

कच्छ (गुजरात) यह 26 जनवरी 2001 का दिन था। पूरा देश सुबाह गणत्रंत्र दिवस की खुशियां मना रहा था। लेकिन ख़ुशी के इसी मोके पर गुजरात में मातम छा गया था। यहाँ के दो जिले " कच्छ व भुज " की धरती 7 . 7 रिएक्टर की तीव्रता वाले भूकंप ने कंपाकर रख दिया था। अर्थात रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7 . 6 और 7 . 7 के बीच आंकी गई। जो बेहद खतरनाक श्रेणी का होता है। करीब 700 किलोमीटर दूर तक झटके महसूस किए गए। गुजरात के 21 जिले जलजले से हिल गए। और छह लाख लोगो को बेघर होना पड़ा।

गुजरात के कच्छ जिले में 26 जनवरी 2001 को सुबाह 8 : 46 मिनट पर यह भूकंप आया और इसका कंपन 2 मीटर का था। जिसने " कच्छ व भुज की धरती को कंपाकर रख दिया तथा एपी सेंटर चौबारी गांव, भचाऊ तहसील से 9 किलोमीटर और भुज से 20 किलोमीटर की दुरी पर माना गया है। तथा इस भूकंप की तीव्रता 7 . 7 रिएक्टर स्केल आंकी गई है। जिसके कारण भुज में करीब 20 हजार लोगों की मौत व 1,67000 व्यक्ति घायल हुए। तो वही 4 लाख मकानों की तबाही हुई। तथा इस भूकंप का असर 700 किलोमीटर तक रहा। व 21 जिले के 6 लाख लोग बेघर हो गए। तो वही " कच्छ जिले में 12,290 लोगों की मोत इस भयंकर प्राकृतिक आपदा के दौरान हो गई। व कच्छ के 450 गांवों का तो नामोनिशान ही मिट गया था। तथा इस भूकंप की गहराई 16 किलोमीटर आंकी गई। 

स्थान

भुज से भूकंप का केंद्र 20 किलो मीटर था। तथा यह शहर कच्छ क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। पाकिस्तान सीमा के उत्तर की ओर भी भूकंप का प्रभाव महसूस किया गया था। अर्थात पाकिस्तान में करीब 18 लोग मारे गए थे।

टेक्टोनिक सिस्टम

भूकंप का कारण 'भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट सीमा के बीच अभिसरण प्लेट सीमा पर होता है। अर्थात भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट ने एक साथ धक्का दिया और भूकंप का कारण बना। हालाँकि भुज इंट्रेप्लेट जोन में है। भूकंप की उम्मीद नहीं थी। यह एक वजह है की इतनी सारी इमारतों को नष्ट कर दिया गया है क्योकि लोंगो ने भूकंप में प्रतिरोधक मानकों का निर्माण नहीं किया। जिसके कारण भयंकर जन - धन की हानि का सामना करना पड़ा।

गुजरात - भारत के पश्चिमी तट पर एक उन्नत राज्य

26 जनवरी 2001 को गुजरात के कच्छ जिले में सुबाह 8 . 46 बजे भूकंप आया था। तथा भारतीय मौसम विभाग ने 6 . 9 रिएक्टर पर भूकंप की तीव्रता का अनुमान लगाया। वही अमेरिकी भू - वैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7 . 7 रिक्टर आंकी गई। 

क्या करते है भूकंप

  • जीवन और चोट के नुकसान 
  • आवास की कमी 
  • बुनियादी सुविधाओं के लिए नुकसान 
  • परिवहन और संचार की व्यवधान 
  • आतंक एवं लूटपाट 
  • सामाजिक आदेश का टूटना
  • औद्योगिक उत्पादन में कमी 
  • व्यापार का नुकसान 

एक सारांश

भूकंप ने कच्छ को तबाह कर दिया। व्यवहारिक रूप से कच्छ के सभी भवनों और ढांचे को नीचे गिरा दिया गया। अहमदाबाद, राजकोट, जामनगर, सुरेंद्रनगर, और पाटन को भारी क्षति हुई। करीब 19000 लोग मारे गए व कच्छ में 17000 से अधिक मौतों की सुचना दी गई। तथा 1 . 66 लाख लोग घायल हुए जिसमे अधिकाधिक लोग अपने जीवन में विकलांग हो गए। मृतकों में 7065 बच्चे (0 - 14 वर्ष) और 9110 महिलाएं शामिल है।

हानि का वर्गीकरण

  • जनसांख्यिकी और श्रम बाजार 
  • संपत्ति और जीडीपी पर प्रभाव
  • वित्तीय खातों पर प्रभाव
  • वित्तीय बाजार

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