Sanvidhan Ki Anusuchi In Hindi एवं अन्य महत्वपूर्ण विवरण

Rajkumar Yadav
0

 संविधान की अनुसूचियाँ एवं अन्य महत्वपूर्ण विवरण

दोस्तों आज के इस लेख में हमने संविधान की अनुसूचियाँ एवं अन्य महत्वपूर्ण विवरणों पर चर्चा की है। जोकि परीक्षा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। जोकि अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते है। हमने इसे बहुत सरल ढंग से प्रस्तुत करने की कोशिश की है। ताकि समझने में आसानी रहे। जानिए संविधान की अनुसूचियाँ एवं अन्य महत्वपूर्ण विवरण के बारे में। 

Sanvidhan Ki Anusuchi In Hindi एवं अन्य महत्वपूर्ण विवरण
 संविधान की अनुसूचियाँ

अनुसूची 

भारतीय संविधान में अनुसूची यह बतलाती है के संविधान में किसी विषय से सम्बंधित जानकारी (विवरण) कहा मिलेगी। प्रारंभ में मूल संविधान में 8 अनुसूचियाँ ही थी। किन्तु वर्तमान में इनकी संख्या 12 हो गई। 
  • पहली: भारतीय संघ के घटक (29 राज्यों और 7 केंद्रशासित प्रदेश का उल्लेख)
  • दूसरी: संचित निधि पर, भारित अधिकारियों एवं पदाधिकारियों के 'वेतन भत्ते'। 
  • तीसरी: इन अधिकारियों के पद ग्रहण के समय 'शपथ' का उल्लेख।
  • चौथी: राज्य सभा में स्थानों का आबंटन / बटबारा (राज्यों तथा संघीय क्षेत्रों में राज्य सभा के प्रतिनिधित्व का विवरण)
  • पांचवी: ST क्षेत्र में प्रशासन (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, को छोड़कर पुरे भारत में)
  • छटवीं: NORTH EAST के ST क्षेत्र में प्रशासन (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, (मणिपुर में नहीं)
  • सातवीं: केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का बटवारा (इस सूची के तीन भाग है)

सूची विभाजन

  1. संघ सूची (केंद्रीय सूची) - जिस विषय पर केंद्र कानून बनता हो। व मूल संविधान में 97 विषय थे - 100 विषय (वर्तमान में)
  2. राज्य सूची - मूल संविधान में 66 विषय थे - 61 विषय (वर्तमान में)
  3. समवर्ती सूची - केंद्र और राज्य दोनों सरकारे कानून बना सकती है। विवाद की स्तिथि में केंद्र द्वारा बनाया गया कानून माननीय मूल संविधान में 47 विषय थे - 52 विषय (वर्तमान में)

सूची

मूल संविधान में कुल विषय

वर्तमान में कुल विषय

संघ सूची 97 100
राज्य सूची 66 61
समवर्ती सूची 47 52

  • आठवीं: भारत के 22 भाषाओँ का उल्लेख किया गया है। मूल रूप से प्रारंभ में 8 वी अनुसूची में 14 भाषाएं भी किन्तु संशोधन में कई भाषाएं जोड़ी गई - 
1967 - 21 वॉ संशोधन सिन्धी (राजस्थान)
1992 - 71 वॉ संशोधन (1) मणिपुर
(2) कोंकणी (गोवा)
(3) नेपाली
2003 - 92 वॉ संशोधन (1) मैथली (बिहार)
(2) संथाली (झारखण्ड
(3) डोंगरी (जम्मू कश्मीर
(4) बोडो (असम)
  • नौवी: भूमि सुधार - पहला संशोधन 1951 (1 / 1951) राज्य द्वारा संपत्ति अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख तथा इसमें सम्मिलित विषयों को न्यायालय द्वारा चुनौती नहीं दी जा सकती। अर्थात इससे सम्बंधित विषय को लेकर आप न्यायालय नहीं जा सकते। लेकिन 11 जनवरी 2007 संविधान पीठ निर्णय के आधार पर, यदि मौलिक अधियकरों का उलंघन करता है। तो न्यायालय द्वारा चुनौती दी जा सकती है।
  • दसवीं: दल बदल से सम्बंधित प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। 52 वॉ संशोधन 1985 को जोड़ा गया। यह कानून दल बदल करने वाले सदस्यों की अयोग्यता निर्धारित करने वाले प्रावधानों को परिभाषित करता है।
  • ग्यारहवीं: पंचायती राज - 73 वॉ संशोधन 1993 को जोड़ा गया, पंचायती राज संस्थाओं को कार्य करने के लिए - 29 विषय प्रदान किए। 
  • बारहवीं: नगर निकाय - 74 वे संशोधन 1993 को जोड़ा गया इसमें शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्य करने के लिए 18 विषय प्रदान किए गए।

अन्य महत्वपूर्ण

( 1 ) वर्तमान में भारतीय संविधान में गणना की दृष्टि से कुल 395 A और 12 अनुसूचियाँ है। भारतीय संविधान को बाइस भागों में विभाजित किया गया है। यदि भारत संघ के एक नए राज्य का सृजन करना हो तो संविधान की अनुसूचियों में पहली अनुसूची को अवश्य संशोधित किया जाना चाहिए। राज्य भूमि सुधार अधिनियमों को 9 वी अनुसूची में संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु सम्मिलित किया गया है।

भारत के संविधान के अंतर्गत आर्थिक योजना का विषय समवर्ती सूची में है। आपराधिक मामला समवर्ती सूची का है। भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत संघ सूची में गैस का उल्लेख नहीं है। कृषि भारतीय संविधान की 'संघ सूची' से सम्बंधित नहीं है। वरन कृषि राज्य सूची से सम्बंधित है। संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची III समवर्ती सूची में दंड प्रक्रिया शामिल है। 'विवाह', 'विवाहविच्छेद' और 'गोद लेना' संविधान की सातवीं सूची में यह सूची III - समवर्ती सूची में सम्मिलित किए गए है।

सरकारों द्वारा शुल्क एवं कर लगाने का अधिकार संविधान की सातवीं अनुसूची में उल्लेखित है। भारत के संविधान की पांचवी अनुसूची में विभिन्न राज्यों में,  अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और नियंत्रण के लिए विशेष उपबंध है। तथा संविधान में पांचवी अनुसूची और छठी अनुसूची के उपबंध अनुसूचित जनजातियों के हितों के संरक्षण के लिए लिए गए है। अथवा शामिल है।

A - 243 के अंतर्गत पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया है। 

( 2 ) भारतीय संविधान में 400 से अधिक A है। व मूल संविधान में 395 A है। तथा संविधान में आरंभ में 395 A थे। तथा भारतीय संविधान में 395 A, 22 भाग एवं 12 सूचियां है।

वर्तमान में कुल अनुसूचियाँ 12 है व पूर्व में 8 अनुसूचियाँ थी। संविधान में नागरिकता से संबंधित प्रावधान भाग 2 में है। A (5 - 11) में इसका प्रावधान है। संविधान में भाग IX में तीन सोपानों में पंचायते बनाने की परिकल्पना की गई है। संविधान में भाग 11 और अध्याय 1 संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंध के बारे में है।

संविधान की चौथी अनुसूची राज्य सभा में स्थानों के आबंटन को विवोचित करती है। तथा जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन संविधान की समवर्ती सूची में है। व शिक्षा समवर्ती सूची में है। तथा शिक्षा जो प्रारंभ में राज्य सूची का विषय था। उसे 42 वॉ संशोधन द्वारा समवर्ती सूची में स्थान्तरित किया गया। 

संविधान में दसवीं अनुसूची में दल बदल विरोधी कानून विषयक प्रावधान है जो 52 वॉ संशोधन 1985 में जोड़ा गया है। तथा सातवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य सूची में रेलवे पुलिस का उल्लेख है। पंचायती राज, राज्य सूची में सम्मिलित है भूमि सुधार राज्य सूची के विषय के अंतर्गत आता है। व संविधान की अनुसूची 6 मणिपुर राज्य में लागू नहीं होती है। तथा संविधान की अनुसूची 6 मेघालय, त्रिपुरा तथा मिजोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से सम्बंधित है व संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची पंचायती राज्य से सम्बंधित है।

Post a Comment

0Comments

Do not post spam links in the comment box.

Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Accept !