जानें व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल क्या है ? व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल का महत्व के बारे में
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| व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल का महत्व |
व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल (PERSONAL PROFILE)
व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल सिविल सेवा साक्षात्कार की तैयारी का एक अहम हिस्सा है। इसमें आपकी वे सभी व्यक्तिगत जानकारियां शमिल होती है। जो संघ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के आवेदन - पत्र (मेंस - फॉर्म) के माध्यम से आप से मांगी है। इसमें आपकी वर्तमान नौकरी, निवास स्थान, आपकी शेक्षिणक योग्यताएं, आपकी रुचियाँ, आपकी पारिवारिक पृष्टभूमि तथा स्नातक स्तर पर आपके विषयों आदि का उल्लेख शामिल होता है। व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल आपकी स्वयं की उपलब्धियों का पत्र है। जिसके बारे में, आप से पूर्णरूप से जानकारी रखने की अपेक्षा की जाती है। अधिकांश बोर्ड साक्षात्कार के समय आपकी व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल से ही प्रश्न पूछना प्रारंभ करते है। जो आपके नाम से लेकर आपकी शैक्षणिक योग्यता तक किसी से भी संबंधित हो सकता है। इसके पीछे बोर्ड का उद्देश्य अभ्यर्थियों को सहज करना होता है। इसके बाद बोर्ड द्वारा आपकी विवेचनात्मक या विश्लेषणात्मक सोच या कौशल को मापने के लिए प्रश्न पूछे जा सकते है। जैसे कि आपके गृह राज्य के सामने मौजूद चुनौतियां या फिर आपकी वर्तमान नौकरी से संबंधित कोई मुद्दा।
व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल का महत्व
साक्षात्कार बोर्ड के प्रत्येक सदस्य के पास आपके मुख्य परीक्षा के आवेदन - पत्र (MEN'S FORM) की एक कॉपी होती है। अभ्यर्थी के बोर्ड सम्मुख आने से पहले एवं साक्षात्कार के समय भी सदस्य बराबर इसे देखते है। व्यक्तिगत परीक्षण के लिए कभी भी पूर्व - निर्धारित प्रश्न नहीं होते है। साक्षात्कार के समय पूछे जानेवाले प्रश्न और साक्षात्कार की दिशा प्राय: स्फूर्त होती है। व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल जो की मुख्य परीक्षा के आवेदन - पत्र में पहले ही दिया गया होता है। और जोकि बोर्ड के सदस्यों की नजर में रहता है।
व्यक्तित्व परीक्षण के अन्य पहलुओं के विपरीत जहाँ कि पूछे जाने वाले प्रश्नों का दायरा अत्यंत विस्तृत होता है। तथा प्रश्नों का अनुमान लगाना कठिन होता है। व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल संबंधी प्रश्नों की संख्या सिमित विषयों पर आधारित होती है। तथा पूर्व योजना और अच्छी तैयारी से इससे संबंधित प्रश्नों का काफी कुछ अनुमान लगाया जा सकता है। इस प्रकार व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल जोकि व्यक्तित्व परीक्षण का अभिन्न हिस्सा होता है। पर पूरा ध्यान देकर अच्छी तैयारी की जानी चाहिए।
व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल के किन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए, उसकी चर्चा नीचे की जा रही है -
आपका नाम
अक्सर कहा जाता है कि नाम में क्या रखा है ? व्यावहारिक तौर पर कुछ अधिक नहीं। लेकिन साक्षात्कार के दृष्टिकोण से इससे भी एक या दो प्रश्न बन सकते है। विशेष रूप से यदि आपका नाम या उपनाम असामान्य है। या किसी प्रसिद्ध ऐतिहासिक व्यक्ति से मिलता - जुलता है। या उसका कोई विशिष्ट अर्थ है। नाम से संबंधित प्रश्न से साक्षात्कार प्रारंभ करने का उद्देश्य साक्षात्कार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना तथा अभ्यर्थी को तनावमुक्त करना होता है। अत: अभ्यर्थी को अपने नाम या उपनाम का अर्थ वह मूल शब्द जिससे यह बना हो। अच्छे से जान लेना चाहिए। इसके अलावा यदि नाम या उपनाम किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से संबंधित हो तब भी उस व्यक्ति के बारे में अच्छे से जान लेना चाहिए। इसी तरह आपकी जन्म-तिथि इतिहास को किसी महत्वपूर्ण घटना से संबंधित हो या किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की जन्म -तिथि से मिलती -जुलती हो तो उसके बारे में भी आपको जानकारी होनी चाहिए।
आपकी शिक्षा
शिक्षा के दायरे में स्कुल, कॉलेज, विश्वविद्याल या किसी अन्य कोर्स से संबंधित शिक्षा आती है। जिसका उल्लेख मुख्य परीक्षा के आवेदन फॉर्म में किया गया हो। अत: आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए और उन बातों को छांट लेना चाहिए। जो की पढ़नेवाले के ध्यान को आकर्षित करती है। और जिन पर प्रश्न किए जा सकते है। इससे संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का नीचे उल्लेख किया जा रहा है -
अपने स्कूल, कॉलेज, या विश्वविद्यालय के बारे में भी आपको संक्षेप में सटीक जानकारी होनी चाहिए। विशेष रूप से यदि आपका शिक्षण संस्थान हो या किसी कारण से चर्चा में रहा हो। इस जानकारी में संस्थान के उद्देश्य, संस्थापक, इतिहास (यदि संस्था प्राचीन हो) उससे जुड़े हुए प्रसिद्ध व्यक्ति या उसकी कोई विशेष उपलब्धि या लोकप्रियता आदि होंगे।
आपका संस्थान
वैसे तो अभ्यर्थियों को अपने शिक्षण संस्थान के बारे में कुछ न कुछ ज्ञान जरूर होता है। लेकिन साक्षात्कार में जाने से पहले अपनी जानकारी को और भी अद्यतन एवं पूर्ण करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए यदि कोई अभ्यर्थी रामकृष्ण मिशन से संबंधित रहा हो तो उससे स्वामी विवेकानंद के दर्शन या उसके उपदेशों के प्रसिद्ध पहलुओं पर प्रश्न किए जा सकते है।
आपका विषय विशेषज्ञता
अभ्यर्थियों ने यदि किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल की है जैसे - चिकित्सा, प्रबंधन, इंजीनियरिंग आदि तो उनसे इस विषय पर प्रश्न किया जा सकता है। कि इन क्षेत्रों को छोड़कर वे सिविल सेवा में क्यों आना चाहते है। ऐसे में उन अभ्यर्थियों का निम्न प्रकार के प्रश्नों से सामना होता है।
- आपके पास पहले से ही एक प्रोफेसनल डिग्री है। तथा आपकी नौकरी पक्की है। फिर भी आप एक ऐसी नौकरी क्यों पाना चाहते है ?
- क्या आपको नहीं लगता कि आपने जो व्यावसायिक ज्ञान प्राप्त किया है। वह सिविल सेवा में आने के बाद व्यर्थ हो जाएगा ?
- देश को आपकी आवश्यकता एक डॉक्टर के रूप में ज्यादा है। क्योकि देश के कई गांव चिकित्सा सुविधाओं की दृष्टि से अभावग्रस्त है। या फिर देश को एक इंजिनियर की ज्यादा आवश्यकता है ? आदि
कई बार इस प्रकार के प्रश्न उम्मीदवार को एक भयावह स्वप्न के समान प्रतीत होते है। वह बोर्ड के सदस्यों द्वारा हलकी मुस्कराहट के साथ पूछे गए इस प्रकार के अजीब से प्रश्नों से स्वयं को परेशान महसूस करने लगता है। तथा सोचने लगता है। की उसे क्या कहना चाहिए। तथापि इस प्रकार के प्रश्नों का कोई निश्चित स्वरूप वाला उत्तर नहीं हो सकता है। और न ही इन प्रश्नों का उत्तर सिर्फ हाँ या न में दिया जा सकता है।
हालाँकि इन प्रश्नों का किसी भी तरह का उत्तर पूरी तरह ठीक या गलत नहीं हो सकता है। लेकिन अभ्यर्थी से आशा की जाती है। की उसका उत्तर सटीक और तर्कपूर्ण हो।
- ऐसे किसी भी प्रश्न का उतर देने से पहले यह आवश्यक है कि आप स्वयं इसकी सत्यता और औचित्य के प्रति आश्वस्त हो।
विषय, वैकल्पिक विषय
साक्षात्कार के लिए विभिन्न विषयों की तैयारी के क्षेत्र में न केवल मुख्य परीक्षा में लिए गए विषय आते है। बल्कि इसमें स्नातक के विषय भी आते है। जब अभ्यर्थी अपने स्नातक के विषयों से अलग वैकल्पिक विषय का चयन करता है। तो ऐसी दशा में 'विषयों का दोहराव' और विस्तृत हो जाता है। इसके अलावा यदि उसने पोस्ट ग्रेजुएशन, या किसी अन्य विषय में विशेषज्ञता प्राप्त की है। जिसका उल्लेख मुख्य परीक्षा के आवेदन फॉर्म में भी किया गया है। तो साक्षात्कार के लिए भी विषयों का दोहराव आवश्यक हो जाता है। यद्यपि विषयों का दायरा अधिक विस्तृत हो जाने पर अभ्यर्थी को निराश होने की जरुरत नहीं है। कैसे और क्या दोहराना है उससे संबंधित विशेष बिंदु नीचे दिए गए है -
- वैकल्पिक विषय के ज्ञान की परीक्षा पहले ही हो चुकी है। और व्यक्तित्व परीक्षण का उद्देश्य आपके किताबी ज्ञान की पुन: जाँच करना यह नहीं होता।
- आपको विषयों के विस्तृत पाठ्यक्रम और सूक्ष्म पहलुओं में उलझने की आवश्यकता नहीं है। आप विषय /विषयों के आधारभूत पहलुओं की तरफ ध्यान केंद्रित करे।
- और हाल ही में हुए विकास के क्षेत्रों की पहचान करे।
- विशेष रूप से वे मुद्दे जो किसी कारण से चर्चा में रहे हो।
राज्य, गृह की जानकारी
राज्यों के संबंध में जानकारी आपके व्यक्तित्व प्रोफ़ाइल संबंधी तैयारी का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह उस समय और भी महत्वपूर्ण है जब आप राज्य सिविल सेवा के साक्षात्कार की तैयारी कर रहे हो। लेकिन कई बार अभ्यर्थी इस बात को लेकर कन्फ्यूज हो जाते है कि तैयारी कितनी एवं किस प्रकार की जाए ?
- तैयारी में किस राज्य की जानकारी को शामिल किया जाए ? जब अभ्यर्थी एक से अधिक राज्यों में रह चूका हो या एक से अधिक राज्यों में नौकरी कर चूका हो। विशेष रूप से संघ लोक सेवा के साक्षात्कार की तैयारी में।
- तैयारी का क्षेत्र एवं उसकी प्रकृति किस प्रकार की हो ? जैसे - राज्य का ऐतिहासिक, भौगोलिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, या आर्थिक इत्यादि।
निवास स्थल
- स्थाई निवास - राज्य, जिला, नगर।
- वे राज्य, जिले, नगर जिनमे वर्तमान एवं पूर्वकालिक संबंध रहा हो। जहाँ आपने अपना काफी समय बिताया हो तथा जहाँ से आपके समुचित परिचय की उम्मीद की जाती हो।
- जैसे - वह स्थल जहाँ आपने अपना स्नातक, परास्नातक या कोई अन्य कोर्स पूरा किया हो या जहाँ आपने हाल ही में नौकरी की हो।
अध्ययन का दायरा
- अध्ययन के दायरे में राज्य / नगर की संक्षिप्त जानकारी भी आती है। जिसमे उसका -
- इतिहास
- भूगोल
- सामाजिक एवं सांस्कृतिक संरचना
- विशेषताएं एवं कमियां
- चुनौतियां, समस्या समाधान इत्यादि।
रुचियाँ / खेलकूद एवं उपलब्धियां
संघ लोक सेवा आयोग को भेजे गए मुख्य परीक्षा के आवेदन फॉर्म में अभ्यर्थी की रुचियों, खेलकूद एवं जीते गए अवार्ड इत्यादि की जानकारी भी मांगी जाती है। वैसे तो ये सभी एक - दूसरे से अलग है लेकिन साक्षात्कार के समय बोर्ड को प्रश्न पूछने का भरपूर अवसर प्रदान करते है।
निष्कर्ष
प्रिय अभ्यर्थी इस लेख में, आज हमने व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल के तहत कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की है। जोकि अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी एवं महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में हमने बतौर निम्नलिखित बिंदुओं को कवर किया है। हालाँकि व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल का क्षेत्र अत्यंत विस्तृत है। जिसे पूरा कवर कर पाना बेहद मुश्किल है। फिर भी हम आगामी लेख में व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल के अंतर्गत रुचियाँ (Hobby) के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। जिसमे कई प्रकार शामिल है। एवं उन्हें हमारे द्वारा आपके समक्ष बिंदुवार और चरणवार ही प्रस्तुत किया जाएगा। जिससे अध्ययन में आसानी रहेगी।

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