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Interview Mein Bhashik Paksh Evam Bhashik Paksh Ke Prakar

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 साक्षात्कार में भाषिक पक्ष का विवरण एवं भाषिक पक्ष के प्रकार

Interview Mein Bhashik Paksh Evam Bhashik Paksh Ke Prakar
साक्षात्कार में भाषिक पक्ष

दोस्तों आज हम इस लेख में, उन प्रश्नों का विश्लेषण करेंगे। जिनके उत्तर प्राप्त करके साक्षात्कारकर्ता उम्मीदवार की क्षमता का आकलन करते है। ऐसे प्रश्नों को मुख्य रूप से 4 भागों में विभाजित किया जा सकता है। जो इस तरह है -

 साक्षात्कार में भाषिक पक्ष के प्रकार

  1. व्यक्तिगत प्रश्नावली
  2. विषय आधारित प्रश्नावली
  3. सामयिक एवं सामान्य जानकारी आधारित प्रश्नावली
  4. पद / संगठन आधारित प्रश्नावली

(1) व्यक्तिगत प्रश्नावली

व्यक्तिगत प्रश्नावली के अंतर्गत उन प्रश्नों को रखा जाता है। जो उमीदवार की व्यक्तिगत जानकारियों से संबंधित होते है। जैसे - 
  • उम्मीदवार का नाम 
  • जिला 
  • विषय 
  • पिता का व्यवसाय
  • रुचियाँ 
  • परिवार के सदस्यों के बारे में इत्यादि।
उम्मीदवार की व्यक्तिगत प्रश्नावली पर आधारित प्रश्न साक्षात्कार के सबसे महत्वपूर्ण अंग होते है। 
सबसे महत्व पूर्ण इसलिए क्योकि ये प्रश्न साक्षात्कार के प्रारंभ में पूछे जाते है। अर्थात इन प्रश्नों से साक्षात्कार की शुरुआत की जाती है। यदि उम्मीदवार इन शुरूआती प्रश्नों का बखूबी उत्तर दे देता है। तो उसमे आगे के प्रश्नों के लिए आत्मविश्वास का संचार हो जाता है। कहा भी गया है। कि First Impression Is the LasT Impression इन प्रश्नों का उत्तर देने ने विफल रहने पर आगे के प्रश्नों के लिए भी उम्मीदवार का आत्मविश्वास डीग जाता है। और साक्षात्कार में असफल होने की संभावना बढ़ जाती है। अत: ऐसे प्रश्नों की तैयारी के लिए उम्मीदवार को अपनी व्यक्तिगत जानकारियों पर आधारित प्रश्नों की सूची या अपने व्यक्तिगत नोट्स तैयार कर लेने चाहिए। जिन पर साक्षात्कार के दौरान प्रश्न पूछे जाने की संभावना हो। ऐसे प्रश्नों की सूची प्रत्येक उम्मीदवार की भिन्न - भिन्न होती है। क्योकि प्रत्येक उम्मीदवार की व्यक्तिगत जानकारियां भिन्न - भिन्न होती है। एक बार प्रश्नावली तैयार हो जाने पर इन प्रश्नों के सटीक उत्तर तैयार कर उत्तरों को याद भी कर लिया जाना चाहिए। ताकि साक्षात्कार के दौरान इन प्रश्नों के पूछे जाने पर तुरंत उत्तर दिया जा सके। वैसे तो प्रत्येक उम्मीदवार की व्यक्तिगत प्रश्नावली सूची भिन्न - भिन्न होती है। लेकिन नीचे उन स्तिथियों की चर्चा की जा रही है। जिन पर व्यक्तिगत जानकारियों से संबंधित प्रश्नों के पूछे जाने की संभावना होती है।

उम्मीदवार का नाम

साक्षात्कार में उम्मीदवार को उसके नाम से जाना जाता है। और उसके नाम को ही पुकारकर साक्षात्कार कक्ष में उसे बुलाया जाता है। कुछ उम्मीदवारों के नाम ऐसे होते है। जिनके आधार पर प्रश्न पूछे जाने की संभावना रहती है। उदाहरण के लिए उम्मीदवार का नाम किसी महापुरुष या किसी अभिनेता के नाम पर हो सकता है। हाल ही में, चर्चा में आया हुआ हो सकता है। या उसके नाम का कोई विशेष अर्थ हो सकता है। यदि ऐसी कोई विशेषता है, तो उम्मीदवार को उसकी जानकारी होना आवश्यक है।

उम्मीदवार की रूचि

साक्षात्कार बोर्ड के सदस्य उम्मीदवार को साक्षात्कार के दौरान सहज बनाने के लिए, कभी - कभी उसकी 'रूचि' अथवा 'हॉबी' से संबंधित प्रश्न भी पूछ लेते है। हॉबी के माध्यम से प्राय: पद की प्रकृति से साम्यता भी स्थापित की जाती है। उदाहरण के लिए लेखाकार पद हेतु ऐसी रूचि वाला व्यक्ति उपयुक्त होगा। जो ज्यादा समय तक एक स्थान पर बैठ सके, जैसे पुस्तके पढ़ना, इनडोर खेल (शतरंज) इत्यादि। तथा सेल्समैन के पद के लिए ऐसी रुचियों वाला व्यक्ति ज्यादा क्षमता रखेगा। जिसमे अपनी बात को प्रभावशाली ढंग से रखने की क्षमता या नेतृत्व का गुण हो। जैसे - सामूहिक खेल भाषणकला इत्यादि। हमेशा ध्यान रखना चाहिए की साक्षात्कार के माध्यम से साक्षात्कारकर्ता केवल अपने संगठन हेतु उपयुक्त व्यक्ति का चयन करना चाहते है। अत: रूचि आधारित प्रश्नों का उत्तर सावधानीपूर्वक उन्हें साक्षात्कार का अंग मानकर ही देना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की एक ऐसी 'हॉबी' या रूचि' होती है। जिसमे वह अपना खाली समय व्यतीत करता है। आवेदन - पत्र में अथवा साक्षात्कार के दौरान हॉबी का उल्लेख करते समय ईमानदारीपूर्वक उसी हॉबी का उल्लेख करना चाहिए। जिसमे उम्मीदवार की वास्तविक रूचि हो। मात्रा प्रभाव ज़माने के उद्देश्य से उम्मीदवार यदि किसी अन्य हॉबी का उल्लेख करेगा। तो प्रश्न पूछे जाने की स्तिथि में वह अपने ही झूठ में फंसकर रह जाएगा। नीचे कुछ ऐसी रुचियों के बारे में स्पष्ट उल्लेख किया गया है। जिनका उम्मीदवार प्राय: उल्लेख करते है -
  • समाचार पत्र - पढ़ना: यह एक अच्छी हॉबी है। लेकिन इस हॉबी का उल्लेख तभी करे। जब आप वास्तव में समाचार - पत्र का नियमित अध्ययन करते हों। यदि इस हॉबी का उल्लेख करना हो तो इससे संबंधित प्रश्नों को भी तैयार करना जरुरी है। जैसे - समाचार पत्र के संपादक और प्रकाशक का नाम, इसकी प्रसार संख्या, उन भाषाओँ की संख्या, जिनमे समाचार - पत्र का प्रकाशन होता हो आदि। और इस प्रकार के प्रश्नों के लिए भी तैयार रहे, कि आप विशेष अख़बार के ही अध्ययन को 'प्राथमिकता' या 'वरीयता' क्यों देते है।
  • महापुरुषों की आत्मकथाओं का अध्ययन: यदि आप महापुरुषों की आत्मकथाओं का अध्ययन करते है। तो इसका अपनी हॉबी के रूप में उल्लेख कर सकते है। लेकिन इस पर आधारित प्रश्नों के लिए भी तैयार रहे। जो इस प्रकार हो सकते है - 
  • महापुरुषों के गुण।
  • महापुरुषों की चारित्रिक विशेषताएं।
  • महापुरुषों की प्रसिद्धि का कारण।
  • उनसे प्राप्त होने वाली शिक्षाएं।
  • इन महापुरुषों का योगदान।
  • उपन्यास पढ़ना: यह एक बौद्धिक प्रकृति की हॉबी है। इसका उल्लेख किया जा सकता है। लेकिन इससे संबंधित प्रश्नों को भी तैयार रखकर जैसे - कि उपन्यास के लेखकों के नाम, उपन्यासों के शीर्षक, उनके मुख्य चरित्र आदि।
  • संगीत सुनना: संगीत भी समय बिताने का एक अच्छा माध्यम है यदि उम्मीदवार की इस विधा में रूचि है। तो वे इसका उल्लेख कर सकते है। लेकिन यदि उसकी रूचि संगीत में न हो तो इसका उल्लेख नहीं करना चाहिए। क्योकि संगीत का जानकार परीक्षक इससे संबंधित ऐसे प्रश्नों को पूछ सकता है। जिनका उत्तर देने में उम्मीदवार को कठिनाई हो सकती है। 
  • बागवानी या कृषि करना: बागवानी भी एक अच्छी हॉबी है। लेकिन इस हॉबी का उल्लेख तभी करना चाहिए। जब उम्मीदवार वास्तव में बागवानी या कृषि से संबंधित जानकारी रखता हो। उदाहरण के लिए, पौधों के प्रकार, उनके लिए आवश्यक खाद एवं पानी की मात्रा, या अन्य संबंधित प्रश्न हो सकते है। 
  • टी.वी (TV) धारावाहिक देखना: टी.वी धारावाहिक का भी हॉबी के रूप में उल्लेख किया जा सकता है। इसके लिए प्रमुख धारावाहिकों के नाम, उनके निर्माता, निर्देशक, प्रमुख पात्र, विषय - वस्तु, प्रसारित होने वाले दिन तथा समय की जानकारी कर लेना सही होगा।
  • खाना बनाना: इस हॉबी का उल्लेख इसलिए कर दिया जाता है। क्योकि इसका उल्लेख करने पर जटिल प्रश्नों के पूछे जाने की संभावना कम ही रहती है। एक बात यह ध्यान में रखनी चाहिए। की यह हॉबी ऐसी नहीं है। की इस पर महिलाओं का एकाधिकार है। पुरुष भी इस हॉबी का उल्लेख कर सकते है। 
  • खेलो में रूचि: खेलों में रूचि का बतौर आप हॉबी के रूप में उल्लेख कर सकते है। लेकिन उन खेलों से संबंधित प्रश्नावली एवं उनके उत्तर को भी अवश्य तैयार कर लेना चाहिए। जैसे - संबंधित खेल के खिलाडियों की संख्या, प्रमुख खिलाडी, प्रमुख ट्राफियां इस वर्ष के विजेताओं के नाम, आयोजन स्थल, मैदान की लम्बाई - चौड़ाई शब्दावली इत्यादि।

(2) विषय आधारित प्रश्नावली

साक्षात्कारकर्ताओं द्वारा उम्मीदवारों की व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से उससे सामजस्य स्थापित करने के बाद द्वितीय स्तर पर उम्मीदवार द्वारा अध्ययन किए गए विषयों एवं करेंट अफेयर्स से संबंधित प्रश्नों को पूछा जाता है। 
  • मुख्य विषय आधारित प्रश्न: उम्मीदवार द्वारा अध्ययन किए गए विषयों में से एक मुख्य विषय पर साक्षात्कार के दौरान प्रश्न पूछे जाते है। यह मुख्य विषय उम्मीदवार द्वारा एम. ए. या बी. ए के दौरान लिया गया विषय हो सकता है। जिसमे उसे अंक अधिक प्राप्त हुए हो या ऐसा विषय हो सकता है। जिसका उम्मीदवार ने अध्ययन  किया हो और जिस पद के लिए वह साक्षात्कार दे रहा हो। उस पद के लिए भी उपयोगी हो। उम्मीदवार से मुख्य विषय से संबंधित निम्न प्रश्न पूछे जा सकते है -
  • आपका विषय आपके दैनिक जीवन में किस प्रकार सहायक है ?
  • आपका विषय ज्ञान, आपके पद के लिए किस रूप में उपयोगिता रखता है ?
  • आपने इसी विषय में एम. ए क्यों किया ?
  • आपको इस विषय में ही अन्य विषयों की तुलना में अधिक अंक क्यों प्राप्त हुए ?
  • अपने अध्ययन हेतु किसी अन्य विषय का चयन क्यों नहीं किया ?
  • विज्ञान वर्ग से स्नातक के बाद आपने एम. बी. ए क्यों किया ?
  • कृषि विज्ञान से स्नातक पास करने के बाद आपने एल. एल. बी क्यों किया ? इत्यादि

(3) सामयिक एवं सामान्य जानकारी आधारित प्रश्न

साक्षात्कारकर्ताओं द्वारा उम्मीदवार से सामयिक प्रश्नों को पूछे जाने का प्रचलन अत्यधिक लोकप्रिय है। इन प्रश्नों के तहत साक्षात्कारकर्ता दो प्रकार के प्रश्न पूछते है - 
  • किसी तथ्य, जानकारी पर आधारित प्रश्न, जैसे - वर्तमान में निति आयोग का उपाध्यक्ष कौन है ?
  • देश, विदेश की किसी समस्या, विवाद पर आधारित प्रश्न एवं उनके समाधान के उपाए जैसे - बोडो समस्या क्या है ? इसके समाधान का उपाए बताए, फिलिस्तान समस्या क्या है ? छोटे राज्यों का निर्माण उचित है या अनुचित आदि। 
इन प्रश्नों की कोई सीमा नहीं होती है। इनकी तैयारी के लिए निरंतर अध्ययन की आवश्यकता होती है। इनकी तैयारी के लिए निम्न पुस्तकों और पत्रिकाओं का अध्ययन उचित रहेगा - 
  • राष्ट्रीय स्तर के एक समाचार - पत्र जैसे - नवभारत टाइम्स या हिंदुस्तान टाइम्स। 
  • प्रतियोगितात्मक पत्रिकाएँ, जैसे - प्रतियोगिता दर्पण, परीक्षा मंथन, समसामयिक घटना चक्र,मासिक पत्रिका आदि।
  • योजना, कुरुक्षेत्र, आउटलुक, फ्रंटलाइन जैसी समाचार पत्रिकाएँ। आदि

(4) पद / संगठन आधारित प्रश्नावली

उम्मीदवार से यह अपेक्षा की जाती है। कि जिस पद या संगठन के लिए चुने जाने की वह अपेक्षा रखता है। उसके बारे में भी वह कुछ जानकारी रखे। उसे उन कारणों के बारे में पता होना चाहिए। जिनसे आकर्षित होकर वह उस पद पर नियुक्ति चाहता है, इसके साथ ही उसे उन समस्याओं के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। जिनका सामना नियुक्ति के बाद उसे करना पड़ सकता है।

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