गैर मौखिक संचार क्या है? गैर मौखिक संचार का महत्व, प्रकार
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| गैर मौखिक संचार |
गैर मौखिक संचार किसी भी बोली या लिखित शब्द का उपयोग किए बिना सूचना या संदेशों की अभिव्यक्ति करना है। इस प्रक्रिया में हम भावों, इशारों, मुद्राओं, स्पर्श, स्थान, आँखों के संपर्क और पैरालेंग्वेज के माध्यम से दूसरे व्यक्ति को संकेत या सन्देश भेज सकते है। इस प्रकार गैर मौखिक संचार के महत्व के कुछ मूल बिन्दु इस प्रकार है।
गैर मौखिक संचार का महत्त्व (IMPORTANCE OF NON-VERBAL COMMUNICATION)
हमारे द्वारा किए जाने वाले दिन प्रतिदिन के संचार में, शरीर की गतिविधियों, चेहरे, हाथ, आदि का उपयोग करके 55 प्रतिशत संचार हमारे द्वारा किया जाता है। इसमें आवाज, टोन, ठहराव आदि का उपयोग करके 38 प्रतिशत संचार किया जाता है। केवल 7 प्रतिशत संचार शब्दों का इस्तमाल करके किया जाता है।
| इशारों |
- अभिवादन या अलविदा कहने के लिए हाथ उठाना।
- किसी पर अपनी अंगुली से इशारा करना।
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| भाव |
- जब आप खुश होते है। तो मुस्कुराते है।
- उदास होने पर उदास चेहरा बनाना भी गैर मौखिक संचार का एक सटीक उदाहरण है।
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| शारीरिक का हाव भाव |
- इसमें सीधे खड़े रहना।
- रूचि दिखाना शामिल है।
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गैर मौखिक संचार करने के तरीके
- यदि हम संचार करते समय सही इशारों का उपयोग करते है। तो हमारा सन्देश अधिक प्रभावकारी हो सकता है।
- यदि हम गैर मौखिक संचार के बारे में बखूबी जानते है। तो हम अपने दर्शकों की प्रतिक्रिया को समझ सकते है और उसके अनुसार अपनी बातचीत को और अधिक प्रभावी बना सकते है।
- सही इशारों और मुद्राओं का उपयोग करना व्यवसाहिकता और शिष्टाचार का प्रतिक है।
- यदि हम मौखिक सन्देश को शोर या दुरी आदि से बाधित करते है। तो हम संदेशों का आदान प्रदान करने के लिए अपने हाथ के मूवमेंट का उपयोग कर सकते है।
गैर मौखिक संचार के प्रकार
| प्रकार |
चेहरे की अभिव्यक्ति |
| इसका अर्थ |
हमारे भाव अलग अलग भावनाओं को दिखा सकते है। जैसे ख़ुशी, उदासी, क्रोध, उत्साहित, भय आदि। |
| प्रभावी रूप से उपयोग |
- जब आप किसी से मिलते है तो आप मुस्कुराते है।
- अपने चेहरे को शांत रखे।
- अपने शब्दों के साथ अपने हाव भाव मिलाए।
- सुनते समय सिर हिलाए।
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| प्रकार |
शारीरिक मुद्रा |
| इसका अर्थ |
मुद्राएं हमारे आत्मविश्वास और भावनाओं को दर्शाती है। |
| प्रभावी रूप से उपयोग |
- अपने कंधों को सीधा और शरीर को आराम की मुद्रा में रखे।
- अपने हाथों और पैरों को आराम की स्तिथि में रखते हुए सीधे बैठे।
- खड़े होते समय हाथों को शरीर से सटा कर रखे।
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| प्रकार |
इशारे अथवा शारीरिक हाव भाव |
| इसका अर्थ |
इशारों में शरीर का मूवमेंट शामिल होता है। जो एक विचार या अर्थ व्यक्त करते है। |
| प्रभावी रूप से उपयोग |
- अपने हाथों को खुला रखे।
- लोगों की ओर अंगुली उठाकर संकेत करने से बचे।
- अपने सिर को थोड़ा सा यह दिखाने के लिए झुकाएं की आप ध्यान दे रहे है।
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| प्रकार |
स्पर्श |
| इसका अर्थ |
हम स्पर्श के माध्यम से बहुत अधिक संचार करते है। |
| प्रभावी रूप से उपयोग |
- किसी से मीटिंग करते समय जोश के साथ हाथ मिलाए।
- औपचारिक संचार करते समय अन्य जगह स्पर्श करने से बचे।
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| प्रकार |
शारीरिक दूरी |
| इसका अर्थ |
दूरी संचार करते समय दो लोगों के बीच शारीरिक दूरी है। |
| प्रभावी रूप से उपयोग |
- आप जिस व्यक्ति से बात कर रहे है। उसके साथ मौखिक अथवा गैर मौखिक संचार करते समय उस व्यक्ति के साथ संबंध के अनुरूप उचित दूरी बनाए रखे।
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| प्रकार |
आँखों का संपर्क |
| इसका अर्थ |
जिस तरह से हम किसी को देखते है। वह बहुत कुछ संचार कर सकता है। आँखों के संपर्क से पता चलता है। की हम दूर देखने के विपरीत व्यक्ति पर ध्यान दे रहे है जिससे दूसरा व्यक्ति उपेक्षित अनुभव कर सकता है। |
| प्रभावी रूप से उपयोग |
- बोलने वाले व्यक्ति की तरफ सीधे देखे।
- घूर से बचे आराम से देखे।
- स्मय समय पर विराम के साथ आँखों के संपर्क को बनाए रखे।
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| प्रकार |
पैरा भाषा |
| इसका अर्थ |
हम कैसे बोलते है। हमारे संचार को प्रभावित करता है। और इसमें स्वर, गति, और आवाज की मात्रा शामिल होती है। |
| प्रभावी रूप से उपयोग |
- बोलते समय उचित स्वर और आवाज का उपयोग करे।
- बोलने की मध्यम गति बनाए रखे।
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