Maukhik Sanchar Kya Hai, मौखिक संचार के प्रकार, लाभ, नुकसान

Rajkumar Yadav
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 मौखिक संचार किसे कहते है? मौखिक संचार के प्रकार, लाभ, नुकसान

मौखिक संचार में ध्वनियां, शब्द भाषा और भाषण शामिल है। बोलना संचार स्थापित करने का सबसे प्रभावी और आमतौर पर उपयोग किया जाने वाला तरीका है। यह हमारी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने में मदद करता है। अपने मौखिक संचार कौशल में सुधार करके आप तालमेल बनाएगे और बेहतर रूप से जुड़ पाएंगे।  मौखिक संचार के प्रमुख प्रकारों का विवरण इस प्रकार है।

Maukhik Sanchar Kya Hai, मौखिक संचार के प्रकार, लाभ, नुकसान

मौखिक संचार के प्रकार

विवरण

पारस्परिक संचार
संचार का यह रूप दो व्यक्तियों के बीच होता है। और इस प्रकार एक पर एक वार्तालाप होता है। यह औपचारिक या अनौपचारिक हो सकता है।
लिखित संचार संचार के इस रूप में शब्द लिखना शामिल है। यह पत्र, परिपत्र, रिपोर्ट, मेनुअल, एसएमएस (SMS), शोसल मिडिया, चैट आदि हो सकते है। यह दो या दो से अधिक लोगो के बीच होने वाला संचार है।
छोटे समूह में संचार इस प्रकार का संचार तब होता है। जब इसमें दो से अधिक लोग शामिल होते है। प्रत्येक भागीदार बातचीत कर सकता है। जैसे बोर्ड की बैठके, टीम की बैठके छोटे समूह में होने वाला संचार कहलाता है।
सार्वजानिक संचार इस प्रकार का संचार तब होता है। जब एक व्यक्ति एक बड़ी सभा को संबोधित करता है। जैसे चुनावी माहौल अभियान या गणमान्य लोगो द्वारा सार्वजानिक भाषण इसमें शामिल है।

मौखिक संचार के लाभ

यह संचार का एक बहुत ही सरल तरीका है। जिसमे आप यह कहकर विचारों का आदान - प्रदान कर सकते है। की आप क्या चाहते है। और त्वरित प्रतिक्रिया प्राप्त कर सकते है। इसका एक महत्वपूर्ण लाभ यह है की मौखिक संचार आपको दूसरे व्यक्ति की प्रतिक्रिया के अनुसार अपनी बातचीत को बदलने में सक्षम बनाता है। ताकि संचार और अधिक प्रभावी बन सके।

मौखिक संचार के नुकसान

हालाँकि मौखिक संचार शब्दों पर निर्भर करता है। कभी कभी अर्थ समझने में भ्रम हो सकते है। और यह समझना मुश्किल हो जाता है की क्या सही शब्दों का उपयोग नहीं किया गया है। यह एक जटिल उलझन होती है। इसका उपयोग हमें सावधानी पूर्वक करना पड़ता है। ताकि संचार और अधिक प्रभावी बन सके।

मौखिक संचार में आत्मविश्वास बढ़ाए या मौखिक संचार में माहिर बनना

ज्यादातर लोग बड़े समूह के सामने बोलते समय या अपने अध्यापकों, प्रबंधकों या पर्यवेक्षकों से बात करते समय भी घबरा जाते है। जोकि मौखिक संचार में एक बड़ी बाधा है। इस समस्या को दूर करने के लिए हमने नीचे कुछ तरीके बताए है। ताकि आप मौखिक संचार में अपने आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ मौखिक संचार में माहिर बन सके। और अपने कौशल को बड़ा सके।

बोलने के तरीके

मौखिक संचार में माहिर होने की टिप्स

बोलने से पहले सोचे
  • अपने विषय के बारे में सोचे।
  • अपने श्रोताओं को विषय को समझने के लिए सबसे प्रभावी तरीकों के बारे में सोचे।
  • आप जो भी कहना चाहते है उसे लिखे या नोट करे।
संक्षिप्त और स्पष्ट
  • स्पष्ट जोर से और माध्यम गति से बोले।
  • सुनिश्चित करे की आप जो जानकारी सांझा करना चाहते है। वह सटीक तरीके से दी गई है।
  • एक ही वाक्य को बार - बार न दोहराए।
आत्मविश्वास और शारीरिक हाव - भाव
  • आत्मविश्वास बनाए रखे।
  • आँख से संपर्क बनाए रखे। सीधे खड़े रहे और चौकस रहे।
  • दोस्ताना (फ्रेंडली) तरीके से बोले।

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