Mrida Nirman Ki Prakriya Kaise Hota Hai Mrida Nirman

Rajkumar Yadav
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 मृदा निर्माण क्या होता है। या मृदा निर्माण किसे कहते संक्षिप्त विवरण

दोस्तों आज हम इस लेख में मृदा निर्माण के बारे में चर्चा करेंगे। जोकि सर्वाधिक महात्वपूर्ण होने के साथ सभी सरकारी भर्ती परीक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक है। हमने बिलकुल सटीक और कम शब्दों में आपको मृदा निर्माण के बारे में जानकारी दी है। जोकि आपके लिए काफी ज्ञानवर्धक साबित होगी इसके लिए पूरा लेख जरूर पढ़े और जाने मृदा निर्माण कैसे होता है। या इसकी उत्पत्ति कैसे हुई।


SOIL शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के SOLUM शब्द से हुई है। तथा मिट्टी के निर्माण को मुख्यता: पांच कारक प्रभावित करते है।

  1. पैतृक शैल: पैतृक शैल से मृदा को आधारभूत खनिज और पोषक तत्व प्राप्त होता है।
  2. जलवायु: जलवायु रासायनिक क्रिया और सूक्ष्म जैविक क्रिया को नियंत्रित करती है।
  3. वनस्पति: ह्यूमस की मात्रा को निर्धारित करती है। ह्यूमस से तात्पर्य है की मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ अथवा जैविक तत्वों से है। अर्थात वनस्पति अथवा जीवों के सड़े गले अवशेषों को ह्यूमस कहते है। तथा ह्यूमस मिट्टी जो उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने का काम करता है।
  4. भूमिगत: भूमिगत जल मिट्टी को नमी प्रदान करता है। 
  5. सूक्ष्म जीव: सूक्ष्म जीव मृदा में वनस्पतियों और जीवों के अवशेषों को सड़ागला कर, खनिजों और जैविक पदार्थों को अलग करते है। और ह्यूमस का निर्माण करते है।

मृदा का निर्माण जोकि कुल मिलाकर पांच तत्वों से

खनिज पदार्थ 40 से 45%
ह्यूमस या कार्बनिक पदार्थ 5 से 10%
मृदा जल 25%
मृदा वायु 25%
सूक्ष्म जीव कवक और जीवाणु

परिभाषा- मृदा एक परिवर्तनशील प्राकृतिक पिंड है। जो कार्बनिक पदार्थ, खनिज पदार्थ एवं सूक्ष्म जीवों के संगठन से बानी है, एवं पौधों को उगने का आधार प्रदान करती वह मृदा (SOIL) कहलाती है।
JENNY (1941) के अनुसार - "यह एक त्रिविमीय काय है" तथा (Soil) लेटिन भाषा के SOLUM शब्द से बना है। जिसका अर्थ FLOOV (फर्श) है।

 1. PEDOLOGY: PEDOLOGY ग्रीक भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ मिट्टी का अध्ययन करने से है। 

परिभाषा- पेडोलॉजी मृदा विज्ञान की वह शाखा है जिसमे मृदा की उत्पत्ति, वर्गीकरण विवरण और गुणों का (भौतिक, रासायनिक, एवं जैविक) अध्ययन किया जाता है। 

2. EDAPHOLOGY: "मृदा विज्ञान की वह शाखा जिसमे मृदा के विभिन्न गुणों का अध्ययन, पौधों की वृद्धि, पोषण एवं उपज के सम्बन्ध में किया जाता है। तथा यह एक ग्रीक भाषा का शब्द है। जो दो शब्दों से मिलकर बना है।

मृदा अवयव अथवा मृदा संगठन

ठोस भाग (50%)

रूध्र भाग (50%)

खनिज पदार्थ (45%) परसेंट और कार्बनिक (5%) परसेंट मृदा जल (25%) परसेंट और मृदा वायु (25%) परसेंट
खनिज के प्रकार 1. प्राथमिक खनिज (बालू मृदा में अधिकतम)
2. द्वितीय खनिज (चिकनी मृदा में अधिकतम)

प्राथमिक खनिज (बालू मृदा में अधिकतम)

द्वितीय खनिज (चिकनी मृदा में अधिकतम)

फेल्डस्पार एल्युमिनियम ऑक्साइड
क़्वार्टज फेरास ऑक्साइड
माइका / अभ्रक जिप्सम
सफ़ेद माइका (बायोटाइट) काली माइका (मस्कोटाइट) सिलिकेट (I) केओलिनाइट (1.1) (II) मॉन्टमोरिनाइट (2.1) (III) वर्मी कुलाइट (2.1)

महत्वपूर्ण

पृथ्वी की सतह पर सबसे अधिक पाया जाने वाला खनिज फेल्सपार है। मृदा में सबसे ज्यादा ज्यादा पाया जाने वाला खनिज पदार्थ क़्वार्टज है। तथा सबसे कम विघटन क़्वार्टज खनिज का होता है। व सबसे अधिक विघटन डोलोमाइट खनिज का होता है। 
तथा मृदा विज्ञान के पिता V.V. डोकुचेव है। व SOIL TESTING अथवा मृदा जाँच के पिता M.L ट्रग को कहा जाता है। तथा PEDOLOGY के पिता डोकुचेव है।

IISS (इंडियन इंस्टीयूट ऑफ़ सॉइल साइंस) भोपाल (M.P) में स्तिथ है। तथा मृदा का अध्ययन PEDOLOGY कहलाता है। व मृदा के विभिन्न गुणों, पौधों की वृद्धि, पोषण उपज का अध्ययन 1. पेडोलॉजी, 2. पोमोलॉजी, 3. सोरोलॉजी, 4. इडेफोलॉजी में से इडेफोलॉजी में किया जाता है।

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