Bharat Ka Samvidhan Kya Hai, Aur Kab Lagu Hua In Hindi

Rajkumar Yadav
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भारत का संविधान क्या है और यह हमारे देश में कब लागू हुआ?

संविधान एक लिखित दस्तावेज है। जिसमे नागरिकों के मौलिक अधिकारों का वर्णन किया गया है। तथा जिस देश का संविधान है उस देश की सरकार का निर्माण किस तरह से होगा। और वहां की राजनैतिक और कानून व्यवस्था की प्रक्रिया किस तरह से चलेगी इसका वर्णन होता है।

संविधान लागू कब हुआ 

भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ। तथा 26 जनवरी 1950 से संविधान प्रभावी (लागू) हुआ। अत: 26 नवम्बर भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है। जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

संविधान का निर्माण संविधान सभा द्वारा किया गया। तथा संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन 1946 के प्रावधानों के अनुसार किया गया।

तथा संविधान सभा का प्रथम अधिवेशन 9 दिसंबर 1946 को डॉ सच्चिदानंद की अध्यक्षता में हुआ। व 11 दिसंबर 1946 को डॉ राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया। एवं डॉ भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति ने संविधान का निर्माण अंतिम रूप से किया। व 26 नवम्बर 1949 को संविधान अंगीकृत, अधिनियमित हुआ। और 26 जनवरी 1950 से संविधान लागूं कर दिया गया भारत में इसी दिन से गणतंत्र बना।
भारतीय संविधान बहुत ही जटिल और एक विशाल संविधान है, जिसमे कुछ कानून अनेक देशों के संविधान से लिए गए है।
अमेरिका से स्वतंत्रता का कानून, निर्वाचित राष्ट्रपति एवं उस पर महाभियोग, न्यायधीशों को हटाने की विधि एवं वित्तीय आपात।
ब्रिटेन से संसदीय शासन प्रणाली, एकल नागरिकता व विधि निर्माण की प्रक्रिया
आयरलैंड से निति निर्देशक तत्व, राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल की व्यवस्था एवं आपातकालीन शक्ति।
फ़्रांस से गणतंत्रात्मक शासन पद्धति
कनाडा से संघात्मक शासन व्यवस्था एवं अवशिष्ट शक्तियाँ जो केंद्र के पास होगी।
दक्षिण अफ्रीका संविधान संशोधन की प्रक्रिया

तथा संविधान की प्रस्तावना को, संविधान की कुंजी कहा जाता है। व 42 वे संशोधन 1976 द्वारा प्रस्तावना में "पंथ निरपेक्ष", "समाजवादी" तथा "अखंडता" शब्द जोड़े गए।

संविधान का इतिहास

24 मार्च 1946 को कैबिनेट मिशन भारत आया था। और इसमें इग्लैंड के निम्नलिखित तीन केबिनेट मंत्री शामिल थे।

सर पोट्रिक लॉरेंस भारत के लिए राज्य सचिव के लिए चुना गया।
सर स्ट्रेफोर्ड क्रिप्स प्रेजिडेंट ऑफ़ द बोर्ड ऑफ़ ट्रैंड के लिए चुना गया।
अलेक्जेंडर फर्स्ट लॉर्ड ऑफ़ द एडमिरेलटी के लिए चुना गया।

कैबिनेट मिशन का मुख्य उद्देश्य: भारत में संविधान निर्माण के लिए एक तंत्र स्थापित करना था। तथा अंतरिम सरकार की व्यवस्था करना था। व प्रांतीय विधानसभाओं और रियासतों के प्रतिनिधियों का गठन संविधान सभा के माध्यम से होगा और प्रांतीय विधानसभा को तीन वर्गों में बांटा गया। 
  1. ग्रुप  (A) 
  2. ग्रुप  (B)
  3. ग्रुप  (C)

भारतीय संविधान सभा की बैठकें

भारतीय संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। तथा इस सभा का उद्देश्य भारत का संविधान तैयार करना था। जिसमे स्थायी सिदांत हो। इसलिए संभावित संविधान के विभिन्न पहलुओं की जाँच पड़ताल के लिए कई समितियों का गठन किया गया। तथा भारतीय संविधान बनने से पहले उस से संबंधित सभी सिफारिशों पर बहस और चर्चा की गई। और उसमे कई बार संशोधन भी किया गया। 

इस तरह भारतीय संविधान, तीन वर्ष के बाद "2 वर्ष, 11 माह, और 18 दिन में हमारा भारतीय संविधान बन कर तैयार हुआ और 26 नवम्बर 1949 को इसे आधिकारिक रूप से अपना लिया गया।

संविधान का लागूं होना

भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र राष्ट्र बन चूका था। तथा स्वतंत्रता की वास्तविक शक्ति 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के अस्तित्व में आने के बाद महसूस की गई थी। व डॉ.  राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के तोर पर शपथ ली। और तभी से 26 जनवरी को देश भर में गणतंत्र दिवस के रूप में, उत्सव और देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

संविधान सभा के प्रमुख सदस्य

जवाहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल और मौलाना अब्दुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे।

और इस संविधान सभा ने, 2 वर्ष, 11 माह, और 18 दिन में भारतीय संविधान बन कर तैयार हुआ। तथा इस सभा में कुल 114 दिन बैठक की गई और इस बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतंत्रता थी। तथा भारत के संविधान के निर्माण में, डॉ.  भीमराव अम्बेडकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इसलिए उन्हें "संविधान का निर्माता" कहा जाता है। तथा संविधान को पूरी तरह 26 जनवरी 1950 को लांगू कर दिया गया। 

संशोधन: अबतक 122 संविधान संशोधन विधेयक, संसद में लाये गए है। जिनमे से, 101 संविधान संशोधन विधेयक पारित हो चुके है। तथा 8 अगस्त 2016 को संसद ने, वस्तु और सेवा कर (GST) पारित कर 101 वा संविधान संशोधन किया।

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