महत्वपूर्ण घटनाएँ 3300 ई0पूर्व से 1947 तक
दोस्तों हमने आज के इस लेख में महत्वपूर्ण घटनाएँ 3300 ई0पूर्व से 1947 तक आसान शब्दों में कवर किया है। हमने आपको सटीक और बेहतरीन तरीके से 3300 ई0पूर्व से 1947 तक की घटनाएँ बताने का प्रयास किया है जोकि परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए विवरण कुछ इस प्रकार है। हमने इस सम्पूर्ण घटना क्रम को एक टेबल के रूप में वर्गीकृत किया है ताकि आप अच्छे जान पाए।
| वर्ष | 3300 से 1700 ईसा पूर्व |
| घटना | सिंधु घाटी सभ्यता का विकास |
| वर्णन: भारत के इतिहास की प्रामाणिक जानकारी यही से शुरू होती है। इस सभ्यता का विकास सिंधु और सरस्वती नदी के किनारे हुआ था। तथा मोहनजोदड़ों, कालीबंगा, लोथल, हड़प्पा, राखीगढ़ी और धोलावीरा इस सभ्यता के प्रमुख केंद्र थे। | |
| वर्ष | 599 ईसा पूर्व |
| घटना | भगवान महावीर का जन्म |
| वर्णन: भगवान महावीर का जन्म वैशाली गणतंत्र के क्षत्रिय कुण्डलपुर में हुआ था। तथा इन्होने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया का मार्गदर्शन किया था। तथा 523 ईसा पूर्व में इन्हे मोक्ष प्राप्त हुआ था। | |
| वर्ष | 563 ईसा पूर्व |
| घटना | गौतम बुद्ध का जन्म |
| वर्णन: गौतम बुद्ध का जन्म शाक्य गणराज्य की तत्कालीन राजधानी कपिलवस्तु के निकट लुम्बिनी नामक स्थान पर हुआ था। इन्हे अपने समय का महान दार्शनिक, वैज्ञानिक और समाज सुधारक माना जाता है। आज दुनियाभर में बौद्ध धर्म को मानने वाले इनके अनुयायी फैले हुए है। | |
| वर्ष | 327 से 26 में आगमन |
| घटना | सिकंदर महान का भारत आगमन |
| वर्णन: यूनान के शासक सिकंदर को भारत पर पहला विदेशी आक्रांता माना जाता है। हालाँकि सिकंदर भारत को तो जीत नहीं सका परन्तु उसके भारत आगमन से यूरोप व भारत के बीच जमीनी मार्ग की शुरुआत अवश्य हुई। | |
| वर्ष | 269 से 232 ईसा पूर्व तक |
| घटना | मौर्य वंश की स्थापना |
| वर्णन: यह काल भारत के प्रतापी राजा अशोक के शासन का था। तथा मौर्य शासक अशोक चक्रवर्ती राजा थे। और उन्होंने अपने प्रताप से भारत को एक सूत्र में बांधा था। इनके समय में ही अथवा शासनकाल में कलिंग का युद्ध 261 ईसा पूर्व में हुआ था। जिसके बाद युद्ध की विभीषिका से विचलित होकर अशोक ने अहिंसा का मार्ग अपना लिया था। जिससे अशोक ने युद्ध करना छोड़ दिया व बौद्ध धर्म को अपना लिया था। | |
| वर्ष | 57 से 30 ईसा पूर्व तक |
| घटना | विक्रम संवत की शुरुआत |
| वर्णन: यह काल भारतीय इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह बना तथा विक्रम संवत की शुरुआत हुई। व दक्षिण में सातवाहन तथा पंड्या वंश का उदय हुआ। | |
| वर्ष | 320 ईसवी |
| घटना | गुप्त वंश का उदय |
| वर्णन: मौर्य वंश के पतन के बाद भारत में राजनितिक शून्यता आ गई थी। व इस शून्यता को गुप्त वंश के शासकों ने भरा और भारत में एक शक्तिशाली राजवंश की स्थापना की। तथा गुप्त वंश के इस काल को भारत का स्वर्ण युग माना जाता है। | |
| वर्ष | 380 से 413 ईसवी |
| घटना | हिन्दुवाद का पुनर्जागरण |
| वर्णन: इस काल में भारत में चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य का शासन था। व साहित्य के उपासक कालिदास का भी यह काल था। | |
| वर्ष | 606 से 645 ईसवी |
| घटना | हिन्दू शासन का प्रभाव |
| वर्णन: यह काल समस्त भारत पर राज करने वाले हिन्दू शासक हर्ष वर्धन का शासनकाल था। इसी समय चीनी यात्री हेनसॉंग ने भारत की यात्रा की थी तथा हर्ष वर्धन अंतिम हिन्दू शासक भी था। जिसने पंजाब को छोड़कर समस्त भारत पर शासन किया था। | |
| वर्ष | 622 ईसवी |
| घटना | हिजरी काल की शुरुआत |
| वर्णन: इसकी शुरुआत तब से मानी जाती है। जब हजरत मोहम्मद ने मक्का से मदीना की ओर प्रवास किया था। तथा यह एक चंद्र कालदर्शक है। जिसका प्रयोग न केवल मुस्लिम देशों में किया जाता है। बल्कि दुनिया भर के मुसलमान इस कालदर्शक का उपयोग अपने त्योहारों की गणना के लिए करते है। | |
| वर्ष | 712 ईसवी |
| घटना | अरबों का आक्रमण |
| वर्णन: इसी वर्ष पश्चिम में सिंध पर अरब आक्रमणकारियों ने मुहम्मद बिन कासिम के नेतृत्व में पहला सफल आक्रमण किया था। | |
| वर्ष | 1025 ईसवी |
| घटना | मेहमूद गजनवी का आक्रमण |
| वर्णन: अरब आक्रमणकारी मेहमूद गजनवी ने भारत पर भीषण हमला कर देश के पश्चिमी भाग में भारी लूटपाट मचाई थी। और प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर को लूट कर उसे तहस नहस कर डाला था। तथा वह मेहमूद गजनवी ही था। जिसने भारत पर 17 बार आक्रमण किया था। | |
| वर्ष | 1191 ईसवी |
| घटना | तराइन का प्रथम युद्ध |
| वर्णन: भारतीय शासक पृथ्वीराज चौहान और अरब आक्रांता मुहम्मद गौरी के बीच तराइन में युद्ध हुआ था। जिसमे मुहम्मद गौरी की हार हुई थी। | |
| वर्ष | 1192 ईसवी |
| घटना | तराइन का द्वितीय युद्ध |
| वर्णन: एक बार फिर भारी तैयारी के साथ मुहम्मद गौरी ने भारत पर आक्रमण किया और तराइन के मैदान में पृथ्वीराज चौहान के साथ युद्ध किया तथा इस युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को पराजय का सामना करना पड़ा था। | |
| वर्ष | 1206 ईसवी |
| घटना | गुलाम वंश की स्थापना |
| वर्णन: कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा भारत में गुलाम वंश की स्थापना की गई। तथा कुतुबुद्दीन ऐबक मोहम्मद गौरी का एक गुलाम सैनिक था। जिसे गौरी ने भारत में विजय के बाद यहाँ का बादशाह बनाया था। तथा इस वंश का दिल्ली पर 1920 ईसवी तक शासन रहा। | |
| वर्ष | 1497 से 98 में |
| घटना | यूरोपियन द्वारा भारत की खोज |
| वर्णन: वर्ष 1997 में पुर्तगाली यात्री वास्को डी गामा भारत की खोज पर निकले। और लगभग एक वर्ष की यात्रा के बाद वह 1498 में केरल के कालीकट के तट पर पहुँचे। तथा किसी भी यूरोपियन का भारत की धरती पर यह पहला प्रमाणिक कदम माना जाता है। | |
| वर्ष | 1526 ईसवी |
| घटना | मुग़ल साम्रज्य का उदय |
| वर्णन: मुगलों ने लंबे समय तक शासन किया था। लगभग 300 सालो तक | |
| वर्ष | 1600 ईसवी |
| घटना | ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना |
| वर्णन: भारत के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए 31 दिसंबर 1600 को ब्रिटेन में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की गई थी। तथा ब्रिटेन की महारानी ने इस कंपनी को भारत के साथ व्यापर के लिए 21 वर्षों की छूट दी थी। | |
| वर्ष | 1602 ईसवी |
| घटना | यूनाइटेड डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना |
| वर्णन: यूरोप से भारत आनेवाली नीदरलैंड की एक यह पहली व्यापारिक कंपनी थी। इस कंपनी का मुख्य उद्देश्य भारत के मसाला बाजार पर कब्ज़ा जमाना था। | |
| वर्ष | 1608 से 1612 ईसवी |
| घटना | ब्रिटिश सेना का भारत आगमन |
| वर्णन: वर्ष 1608 में ब्रिटिश सेना की पहली दुकड़ी सूरत के तट पर पहुंची यही पर वर्चस्व के लिए अग्रेजों और पुर्तगालियों के बीच संघर्ष की शुरुआत हुई। तथा यह संघर्ष लगभग चार वर्षों तक चलता रहा था। अर्थात अग्रेजों का मानना था की हम भारत पर शासन करेंगे। व पुर्तगालियों का मानना था की हम भारत पर शासन करेंगे। जिसमे आखिरकार अग्रेजों की जीत हुई और पुर्तगालियों को भारत से भागना पड़ा। | |
| वर्ष | 1668 ईसवी |
| घटना | भारत पर ब्रिटिश शासन की शुरुआत |
| वर्णन: ब्रिटिश सेना ने बॉम्बे पर कब्ज़ा किया और ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बॉम्बे का शासन सौंपा गया। | |
| वर्ष | 1690 ईसवी |
| घटना | कलकत्ता शहर की स्थापना |
| वर्णन: ब्रिटिश अधिकारी जॉब चारनोक ने कलकत्ता शहर की नीव रखी। | |
| वर्ष | 1739 ईसवी |
| घटना | नादिर शाह का आक्रमण |
| वर्णन: ईरानी बादशाह नादिर शाह ने भारत पर आक्रमण किया। तथा करनाल में दिल्ली के मुग़ल बादशाह मुहम्मद शाह और नादिर शाह के बीच युद्ध हुआ। और मुहम्मद शाह की पराजय हुई। व नादिर शाह ने दिल्ली पर कब्ज़ा किया। | |
| वर्ष | 1757 ईसवी |
| घटना | प्लासी की लड़ाई |
| वर्णन: रोबर्ट क्लाईव के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने भारत विजय अभियान शुरू किया। इसके पहले चरण में ब्रिटिश सेना के नायक रोबर्ट क्लाईव ने बंगाल पर आक्रमण किया। और मुर्शिर्दाबाद के नजदीक प्लासी के मैदान बंगाल के शासक सिराजुदौला की सेना के साथ उसकी मुठभेड़ हुई। तथा इस युद्ध में सिराजुदौला की हार हुई। और बंगाल पर अग्रेजों ने अधिकार कर लिया। फलस्वरूप अग्रेजों का शासन भारत में बहुत तेजी से फेल गया था। | |
| वर्ष | 1761 ईसवी |
| घटना | पानीपत का तीसरा युद्ध |
| वर्णन: 14 जनवरी 1761 को पानीपत के मैदान में भारतीय राजा महाराणा प्रताप और अफगानी शासक अहमद शाह अब्दाली के बीच युद्ध हुआ। तथा इस भीषण युद्ध में महाराणा प्रताप की हार हुई। व इससे पूर्व के पानीपत के दो युद्धों में अफगानी सेना को महाराणा प्रताप की सेना के हाथों शिकस्त मिली थी। | |
| वर्ष | 1801 ईसवी |
| घटना | खालसा पंथ की स्थापना |
| वर्णन: सिख शासक महाराजा रणजीत सिंह ने लाहौर में खालसा पंथ की स्थापना की। और कश्मीरी पंडितों के साथ मिलकर खैबर दर्रे के रास्ते अफगानिस्तान पर हमला किया। | |
| वर्ष | 1809 ईसवी |
| घटना | अमृतसर की संधि |
| वर्णन: ईस्ट इंडिया कंपनी ने पंजाब के अमृतसर में महाराजा रणजीत सिंह के साथ संधि कर यहाँ अपनी व्यापारिक गतिविधि को बढ़ाया। | |
| वर्ष | 1829 ईसवी |
| घटना | सती प्रथा पर रोक |
| वर्णन: समाज सुधार के क्रम में कदम बढ़ाते हुए ब्रिटिश सरकार ने हिन्दू विधवाओं के पति के साथ जलती चिता में खुदखुशी करने की प्रथा यानि सती प्रथा पर रोक लगा दी थी। अर्थात जब युद्ध स्थल अथवा किसी भी तरह से उसके पति की मृत्यु हो जाती थी। तब उसके अंतिम संस्कार के समय में उस महिला को भी जला दिया जाता था। इसे ही सती प्रथा कहा जाता है। लेकिन 1829 ईसवी में ब्रिटिश सरकार ने सती प्रथा पर पूर्णत: रोक लगा दी थी। | |
| वर्ष | 1857 से 58 ईसवी |
| घटना | प्रथम स्वतंत्रता संग्राम |
| वर्णन: मंगल पाण्डे के नेतृत्व में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध ब्रिटिश सेना के भारतीय सिपाहियों ने विद्रोह का बिगुल फूंका हालाँकि ब्रिटिश सरकार ने इस विद्रोह को सिपाही विद्रोह कहा था। परन्तु इतिहासकारों ने इसे "प्रथम स्वतंत्रता संग्राम" का नाम दिया। इस विद्रोह के दौरान विद्रोहियों ने अंतिम मुग़ल शासक बहादुरशाह जफ़र को दिल्ली की गद्दी पर बैठा दिया था। परन्तु जल्दी ही अग्रेजों ने विद्रोह पर काबू कर दिल्ली पर पून: कब्ज़ा जमा लिया। | |
| वर्ष | 1858 ईसवी |
| घटना | भारत सरकार अधिनियम |
| वर्णन: अगस्त 1858 में ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कम्पनी से भारत का शासन अपने हाथों में ले लिया। और फिर 1877 में ब्रिटेन की महारानी को भारत का शासक घोषित कर दिया गया। | |
| वर्ष | 1885 ईसवी |
| घटना | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना |
| वर्णन: भारत में ब्रिटिश शासन को राजनितिक आधार देने के उद्देश्य से एक अग्रेज अधिकारी ए ओ ह्रूम के नेतृत्व में 28 दिसंबर 1885 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की गई। तथा बाद के वर्षों में एक राजनितिक दल के रूप में इसकी भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मुख्य भूमिका रही। | |
| वर्ष | 1905 ईसवी |
| घटना | बंगाल विभाजन |
| वर्णन: अंग्रेजी सरकार ने "बांटो और शासन करो" अथवा "फूट डालों और शासन करों" की निति के अंतर्गत बंगाल को हिन्दू और मुस्लिम बहुल इलाके के आधार पर दो भागों - पूर्वी बंगाल और पश्चिमी बंगाल में विभाजित किया। | |
| वर्ष | 1916 ईसवी |
| घटना | महात्मा गाँधी का उदय और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत |
| वर्णन: स्वतंत्रता के लिए छटपटा रहे भारत में एक नए नायक का उदय हुआ। तथा अफ्रीका में रहते हुए अंग्रेजों के अत्याचारों से विचलित, मोहनदास करमचंद गाँधी ने भारत आकर स्वतंत्रता संग्राम की बागडोर संभाली तथा सत्याग्रह और अहिंसा को मूलमंत्र बनाकर गाँधी ने भारत को ब्रिटिश शासन से अंतत: मुक्ति दिलाने में सफलता प्राप्त की।व इसे हम दूसरा स्वतंत्रता संग्राम भी कह सकते है। क्योकि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 था। | |
| वर्ष | 1917 ईसवी से 1948 ईसवी तक |
| घटना | भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और भारत की आजादी |
| वर्ष | 1917 ईसवी |
| घटना | चम्पारण और खेड़ा सत्याग्रह |
| वर्ष | 1919 ईसवी |
| घटना | जलियावाला काण्ड, रॉलेट एक्ट |
| वर्ष | 1920 ईसवी |
| घटना | असहयोग आंदोलन और खिलाफत आंदोलन |
| वर्ष | 1922 ईसवी |
| घटना | चौरी चौरा की घटना |
| वर्ष | 1927 ईसवी |
| घटना | साइमन कमीशन का भारत आगमन |
| वर्ष | 1929 ईसवी |
| घटना | सेंट्रल असेंबली में भगत सिंह और बुटकेश्वर दत्त द्वारा केंद्रीय असेम्ब्ली में बम फेका गया व कंग्रेस द्वारा पूर्व स्वराज की मांग |
| वर्ष | 1930 ईसवी |
| घटना | दांडी में नमक सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत |
| वर्ष | 1931 ईसवी |
| घटना | गाँधी इरविन समझौता, भगत सिंह, राजगुरु, और सुखदेव को फांसी तथा लन्दन में पहला गोलमेज सम्मेलन |
| वर्ष | 1932 ईसवी |
| घटना | पूना समझौता लन्दन में दूसरा गोलमेज सम्मेलन |
| वर्ष | 1942 ईसवी |
| घटना | मार्च में क्रिप्स मिशन का भारत आगमन, भारत छोड़ों आंदोलन की शुरुआत, सुभाषचंद्र बोस द्वारा इंडियन नेशनल आर्मी का गठन |
| वर्ष | 1947 ईसवी |
| घटना | ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम बिल पारित, भारत का विभाजन भारत का एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उदय। |
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