राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) (National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS)
इस लेख में आज हमने राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के बारे में चर्चा की है जो की करियर में मुकाम हासिल करने के साथ परीक्षा की तैयारी करने में भी अहम् भूमिका निभाती है। पूरा विवरण इस प्रकार है। इसमें NAPS योजना के बारे में, प्रमुख आंकड़ों के बारे में और योजना के तहत चलाए जा रहे अभियान के बारे में जानकारी दी गई है।
| राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना |
राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS) क्या है ?
राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) का उद्देश्य पूरे देश में शिक्षुता (Apprenticeship) प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। अगस्त 2016 में शुरू की गई यह योजना वर्तमान में अपने दूसरे चरण, NAPS - 2 के तहत संचालित है। NAPS - 2 के अंतर्गत, सरकार प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को देय न्यूनतम निर्धारित वजीफे के 25 प्रतिशत तक सिमित आंशिक सहायता सांझा करती है। जो प्रति प्रशिक्षु अधिकतम 15,00 रुपए प्रतिमाह के अधीन है।
हाल के सुधारों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जुडी वजीफे की दरों में 36 % की प्रस्तावित वृद्धि शामिल है। जिससे यह 5,000 - 9,000 रुपए से बढ़कर 6,800 - 12,300 रुपए हो जाएगी। केंद्रीय शिक्षुता परिषद् (सीएसी) की 38 वीं बैठक के निर्णयों के रूप में प्रमुख सुधारों में डिग्री पाठ्यक्रमों को शिक्षुता के साथ जोड़ना, मिश्रित प्रशिक्षण मोड़, बेंचमार्क दिव्यांग व्यक्तियों के लिए स्लॉट आरक्षित करना और आईटी बायोटेक, नवीकरणीय ऊर्जा व दूरसंचार जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण का विस्तार करना शामिल है। औद्योगिक वर्गीकरण को "नेशनल इंडस्ट्रियल क्लसिफिकेशन" (एनआईसी) 2008 मानक के अनुरूप अध्यतन करके यह भारत के कौशल अंतर को पाटने, रोजगार क्षमता को बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए शिक्षुता प्रशिक्षण का आधार तैयार करता है।
राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत प्रशिक्षुओं का आंकड़े
वर्तमान वित्त वर्ष 2025 - 26 के दौरान एनपीएस - 2 योजना के अंतर्गत 13 लाख प्रशिक्षुओं (Trainees) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमे से जुलाई 2025 तक 3 . 99 लाख प्रशिक्षुओं को जोड़ा जा चूका है। NAPS के अंतर्गत वित्त वर्ष 2018 - 19 से वित्त वर्ष 2025 - 26 (जुलाई 2025 तक) के दौरान देश भर में कुल 41,95,703 प्रशिक्षुओं को जोड़ा गया, जिनमे से 21,47,122 प्रशिक्षुओं ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
योजना के तहत चलाए जा रहे अभियान
भारत में कुशल जनशक्ति तैयार करने के लिए APPENTICE TRAINING प्रमुख घटकों में से एक है। और यह "कौशल भारत" अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रतिष्ठानों को अधिक संख्या में प्रशिक्षुओं को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कई सुधार किए गए है, जिनमे 'प्रक्षिशु अधिनियम, 1961' में 2014 के संशोधन 2019 के नियम और एनएपीएस की शुरुआत शामिल है।
इसके अतिरिक्त जून 2022 से 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता मेला' (Pradhan Mantri National Apprenticeship Mela) पीएमएनएएम के माध्यम से, उम्मीदवारों को प्रक्षिशु प्रशिक्षण के अवसर प्राप्त करने और प्रतिष्ठानों को प्रशिक्षुओं का चयन करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह आयोजन हर महीने में दूसरे सोमवार को प्रत्येक राज्य के कम से कम एक - तिहाई जिलों में किया जाता है।
प्रक्षिशु अधिनियम प्रतिष्ठानों को प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण के लिए अपनी सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति देता है। अधिनियम के अंतर्गत चार या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान प्रशिक्षुओं को नियुक्त करने के पात्र है। जबकि 30 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए, प्रशिक्षुओं की नियुक्ति अनिवार्य है। अधिनियम के तहत गठित 'केंद्रीय शिक्षुता परिषद्' (सीएसी) शिक्षुता नीतियों को आकार देने, व्यावसायिक प्रशिक्षण को उद्योग की मांग के साथ संरेखित करने और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अन्य महत्वपूर्ण बिन्दु
योजना का नाम - राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस)
योजना की शुरआत - अगस्त 2016
NAPS (एनएपीएस) की आधिकारिक वेबसाइट - https://www.apprenticeshipindia.gov.in
.png)
Do not post spam links in the comment box.