PM विश्वकर्मा योजना: ब्याज दरें और सब्सिडी जानें इस योजना के लिए कैसे आवेदन करें?
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| PM Vishwakarma Scheme: Interest rates and subsidies, learn how to apply for this scheme. |
PM विश्वकर्मा योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों और असंगठित क्षेत्र के छोटे व्यवसायियों को वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरण प्रदान करके उनके व्यवसाय को बढ़ावा देना है।
💳 वित्तीय सहायता और बिज़नेस लोन (ऋण)
1. बिना गारंटी के लोन (बिना Collateral लोन)
कारीगर अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कुल ₹3,00,000 तक का ऋण बिना किसी संपत्ति या गारंटी को गिरवी रखे प्राप्त कर सकते हैं:
पहली किश्त (Tranche 1): बुनियादी कौशल प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 18 महीने की अवधि के लिए ₹1,00,000 तक का लोन मिलता है।
दूसरी किश्त (Tranche 2): पहली किश्त का भुगतान समय पर करने पर 30 महीने की अवधि के लिए अतिरिक्त ₹2,00,000 का लोन दिया जाता है।
2. रियायती ब्याज दर और सब्सिडी
ब्याज दर: लाभार्थियों को केवल 5% वार्षिक की रियायती ब्याज दर पर यह लोन मिलता है।
सरकारी सब्सिडी: केंद्र सरकार बैंकों को 8% तक की ब्याज सब्सिडी (Interest Subvention) प्रदान करती है, जिससे बाकी ब्याज का बोझ सरकार स्वयं उठाती है।
क्रेडिट गारंटी: गारंटी शुल्क का पूरा खर्च भी केंद्र सरकार ही वहन करती है।
🛠️ अन्य वित्तीय प्रोत्साहन और लाभ
लाभ का प्रकार, विवरण
टूलकिट प्रोत्साहन- आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए ₹15,000 का टूलकिट वाउचर (e-RUPI)।
प्रशिक्षण स्टाइपेंड- बुनियादी (5-7 दिन) और उन्नत (15 दिन) प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड।
डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन- डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रति डिजिटल लेनदेन ₹1 (अधिकतम 100 लेनदेन/माह) बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि। |
🔨 शामिल 18 पारंपरिक व्यापार (Trades)
यह योजना हाथ और पारंपरिक औजारों से काम करने वाले 18 मुख्य व्यवसायों को कवर करती है:
लकड़ी व धातु कारीगर: बढ़ई (सुतार), नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता।
पत्थर व मिट्टी के कारीगर: मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाले), पत्थर तोड़ने वाले, कुम्हार।
व्यक्तिगत व घरेलू सेवाएं: दर्जी, नाई, धोबी, मालाकार (फूल की माला बनाने वाले), मोची/जूते बनाने वाले।
अन्य पारंपरिक शिल्प: सुनार, राजमिस्त्री, टोकरी/मैट/झाड़ू बनाने वाले, गद्दे/नारियल रेशा बुनकर, खिलौना निर्माता, मछली का जाल बनाने वाले।
📋 पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
व्यवसाय: आवेदक का असंगठित क्षेत्र में उपर्युक्त 18 पारंपरिक व्यापारों में से किसी एक में कार्यरत होना अनिवार्य है।
आयु सीमा: आवेदन के समय न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
परिवार की सीमा: एक परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) से केवल एक ही व्यक्ति इसका लाभ ले सकता है।
पूर्व ऋण स्थिति: पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi या MUDRA जैसी सरकारी क्रेडिट योजनाओं के तहत लोन बकाया न हो (यदि MUDRA या SVANidhi का लोन पूरी तरह चुका दिया गया है, तो आवेदन किया जा सकता है)।
सरकारी कर्मचारी: सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं हैं।
✍️ आवेदन कैसे करें?
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): अपने नजदीकी CSC केंद्र पर आधार कार्ड, आधार से जुड़े मोबाइल नंबर और बैंक पासबुक के साथ जाएं।
बायोमेट्रिक सत्यापन: केंद्र पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Fingerprint verification) पूरा करें।
त्रिस्तरीय सत्यापन: आवेदन ग्राम पंचायत/शहरी स्थानीय निकाय, जिला कार्यान्वयन समिति और स्क्रीनिंग कमेटी के माध्यम से सत्यापित होता है।
पंजीकरण व प्रमाणपत्र: स्वीकृति मिलने पर लाभार्थी को PM विश्वकर्मा डिजिटल प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड प्रदान किया जाता है।

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